प्रतियोगी परीक्षाओं  में हर छात्र को देने होंगे…

0

ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए ली जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई मेन , नीट यूजी और यूजीसी नेट में बड़ा बदलाव किया जा रहा है| अब इन परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के पास होगी| नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जानी वाली पहली परीक्षा दिसंबर 2018 में यूजीसी नेट होगी|

आने वाले वर्ष में प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए एनटीए आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइकोमीट्रिक एनालिसिस और कंप्यूटर आधारित अडैप्टिव टेस्टिंग आदि की मदद से परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है| इससे परीक्षा के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह से बदल दिया जाएगा| इस बारे में एनटीए के डायरेक्टर जनरल विनीत जोशी ने कहा, “यह टेस्ट 100 फीसदी सुरक्षित होगा| इसमें उच्चस्तरीय कोड का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि कोई सिस्टम को हैक नहीं कर सके|”

अलग-अलग पेपर

अब हर साल  एनटीए 1.5 करोड़ विद्यार्थियों के लिए टेस्ट का आयोजन करेगी| एक अधिकारी ने बताया, “छात्रों की प्रतिभा को परखने के लिए मल्टिपल चॉइस क्वेश्चन होंगे| पहले की तरह किसी खास टेस्ट के लिए कुछ क्वेश्चन पेपर के बजाय हर छात्र के लिए अलग-अलग क्वेश्चन पेपर तैयार किए जाएंगे| इनसे नक़ल की बिलकुल भी गुंजाइश नहीं रह जाएगी|”

जानकारों का कहना है कि कंप्यूटर आधारित टेस्ट से छात्रों को कई लाभ होंगे| यदि परीक्षा के दौरान छात्र कुछ सवालों को हल करने की कोशिश नहीं करते हैं या फिर बाद में रिव्यू के लिए मार्क कर देते हैं तो बाद में एक क्लिक पर वे सवाल उनके लिए उपलब्ध होंगे| यदि छात्र अपने स्कोर से खुश नहीं हैं तो तीन महीने के बाद फिर से परीक्षा दे सकता है|

Share.