कैसे शुरू हुआ नोबाल पुरुस्कार, किसको मिला 2019 में नोबेल पुरूस्कार

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व्यक्ति की प्रतिभा के आधार पर दिया जाने वाला विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है, जो हर वर्ष स्टाकहोम (स्वीडन) में 10 दिसम्बर को अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को एक भव्य समारोह में दिया जाता है। ये क्षेत्र हैं, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, चिकित्सा शास्त्र, अर्थशास्त्र, साहित्य एवं विश्व शांति। यह पुरस्कार पाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की धनराशि मिलती है। इसके अलावा 23 कैरेट सोने का करीब 6 सेंटीमीटर व्यास का 200 ग्राम वजनी पदक एवं प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाता है। पदक पर एक ओर नोबेल पुरस्कारों के जनक अल्फ्रेड नोबेल का चित्र और उनका जन्म तथा मृत्यु वर्ष और दूसरी ओर यूनानी देवी आइसिस का चित्र, ‘रायल एकेडमी ऑफ साइंस स्टाकहोम’ तथा पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति का नाम व पुरस्कार दिए जाने का वर्ष अंकित रहता है।

इस पुरस्कार की स्थापना स्वीडन के सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक व डायनामाइट के आविष्कारक डॉ. अल्फ्रेड नोबेल द्वारा 27 नवम्बर 1895 को की गई वसीयत के आधार पर की गई थी, जिसमें उन्होंने रसायन, भौतिकी, चिकित्सा, साहित्य और विश्व शांति के लिए विशिष्ट कार्य करने के लिए अपनी समूची सम्पत्ति (करीब 90 लाख डॉलर) से मिलने वाले ब्याज का उपयोग करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने का अनुरोध किया था और इस कार्य के लिए धन के इस्तेमाल हेतु एक ट्रस्ट की स्थापना का प्रावधान किया था। नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत 10 दिसम्बर 1901 को हुई थी

2019 में किसको किस क्षेत्र में नोबल पुरूस्कार मिला

 

चिकित्सा के क्षेत्र में(medicine) –

चिकित्सा के क्षेत्र में अमेरिका के विलियम केलिन, ग्रेजग सेमेंजा और ब्रिटेन के पीटर रैटक्लिफ को संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार दिया जा रहा है। इन्होंने ऑक्सीजन की उपलब्धता समझने और उसके अनुकूल बनने की कोशिकाओं की क्षमता तलाशी। इससे कैंसर के इलाज के नए तरीके ढूंढने में मदद मिलेगी।

 

रसायनशास्त्र के क्षेत्र में (Chemistry)-

इसके लिए इस साल जॉन बी गुडएनफ, स्टैनली विटिंघम और अकीरा योशिनो को नोबेल मिलेगा। तीनों ने मिलकर लिथियम आयन बैटरी विकसित की थी। इन बैटरियों का इस्तेमाल आज अंतरिक्ष से लेकर इलेक्ट्रिक गाड़ियों व रोजमर्रा की चीजों में भी बड़े स्तर पर हो रहा है।

 

भौतिकशास्त्र के क्षेत्र में(Physics)-

कनाडा-अमेरिका के जेम्स पीबल्स, स्विट्जरलैंड के माइकल मेयर और डिडियर क्वेलोज को इस क्षेत्र का नोबेल दिया जाएगा। इन्होंने अपने काम के जरिए दुनिया को समझाया कि बिग बैंग (Big Bang) के बाद ब्रह्मांड का विकास कैसे हुआ।

 

साहित्य के क्षेत्र में (Literature)-

2019 और 2018 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार की घोषणा एक साथ की गई। 2019 का पुरस्कार पीटर हैंडके को दिया जाएगा जो आस्ट्रियाई मूल के लेखक हैं। पीटर को भाषा में नवीनतम प्रयोगों के लिए ये पुरस्कार मिलेगा। जबकि लेखिका के साथ साथ सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका निभाने वाली ओल्गा टोकारजुक को 2018 का साहित्य का नोबेल दिया जाएगा।

 

शांति के क्षेत्र में (Peace)-

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को शांति का नोबेल पुरस्कार दिए जाने का ऐलान किया गया है । यह पुरस्कार उनके देश के चिर शत्रु इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष सुलझाने के लिए दिया जाएगा।

 

अर्थशास्त्र के क्षेत्र में (Economics)-

अर्थशास्त्र के क्षेत्र में भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर को ‘वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग’ के उनके शोध के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने का एलान किया गया। अभिजीत बनर्जी  मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। उन्होंने 1981 में कोलकाता यूनिवर्सिटी से बीएससी, 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से एमए, फिर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। वह और उनकी पत्नी डफ्लो अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब के सह-संस्थापक भी हैं।

 

-Mradul tripathi

 

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