वह शख्स जिसने बनाया भारत का पहला बजट, जानें क्या हुआ था उस साल

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आज बजट (First Indian Budget) को लेकर पूरा देश उम्मीद लगाए हुए है. हर वर्ग की अपनी-अपनी आकांक्षाएं हैं. हर साल बजट का दिन देश के लिए बड़ा दिन होता है. क्योकि इसी दिन पता चलता है कि देश की आर्थिक दशा क्या है और आम जनजीवन कितना सुधर रहा है. लेकिन बहुत कम लोग ये जानते हैं कि देश में पहला बजट लाने वाला शख्स कौन था? देश में पहली बार कब बजट पेश (First Indian Budget) किया गया और इसके पीछे किसका दिमाग था.

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आपको बता दें कि भारत में पहला बजट (First Indian Budget) पेश करने वाला शख्स स्कॉटलैंड (Scotland) का था. उसका नाम था- जेम्स विल्सन (James Wilson) . जेम्स विल्सन (James Wilson) ने पहली बार बजट को लेकर दिमाग लगाया था और देश का पहला बजट पेश किया था. जी हां पहली बार 1860 में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान पहला बजट पेश किया गया था. विल्सन ने ही स्टैंडर्ड (Scotland) चार्टट बैंक की स्थापना भी की थी। विल्सन (James Wilson) बहुमुखी प्रतिभा के इतने धनी थे कि उन्होंने व्यापक रूप से पढ़ी जाने आर्थिक पत्रिका ‘द इकोनोमिस्ट’ (The Economist) की भी स्थापना की थी।

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जेम्स विल्सन  (James Wilson) हैट (First Indian Budget) बनाया करते थे. लेकिन उनका मन वाणिज्य और अर्थशास्त्र (economics) में रमता था. उन्होंने इन विषयों की खूब पढ़ाई की. अर्थशास्त्र की समझ की वजह से ब्रिटिश सरकार में वायसराय लॉर्ड कैनिंग ने उसे अपने काउंसिल में शामिल कर लिया. उसके बाद इन्हे ब्रिटिश पार्लियामेंट का सदस्य भी चुना गया. इसके अलावा जेम्स को यूके ट्रेजरी का फायनांस सेक्रेट्ररी और बोर्ड ऑफ ट्रेड का वाइस प्रेसिडेंट भी बनाया गया.

(First Indian Budget)  विल्सन पहली बार 1859 में पहली बार ऐसे समय में भारत पहुंचे थे जब ब्रिटिश सरकार (British Government)  के खिलाफ भारतीयों ने आजादी का पहला बिगुल फूंका था इसे इतिहास में भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है। इस युद्ध में हुए सैन्य खर्च के कारण ब्रिटिश सरकार (British Government) पर काफी कर्ज बढ़ गया था। तब विल्सन को पता था कि बाजार कैसे काम करता है। ऐसे में उन्हें इस समस्या से निजात दिलाने वाले शख्स के रूप में देखा गया। सब्यसाची भट्टाचार्य ने अपनी किताब ‘फाइनेंशियल फाउंडेशंस’ में लिखा है, ‘विल्सन ने भारत में पहली बार अंग्रेजी मॉडल पर तैयार एक वित्तीय बजट पेश किया। इस बजट से जनता के मन को नए आत्मविश्वास जागा। उनके वित्तीय जानकारी से कई मिथक भी ध्वस्त हुए थे और पुरानी व्यवस्था का नवीनीकरण करने में एक नई भूमिका अदा की।’

जेम्स विल्सन (James Wilson)  ही वह शख्स थे जिन्होंने आयकर अधिनियम की शुरुआत की थी। (First Indian Budget)  आयकर अधिनियम एक ऐसा कदम था जिसकी काफी आलोचना हुई थी और इसने व्यवसायों के साथ-साथ जमींदारों और किसाने के बीच खाई को और गहरा कर दिया था। उनका तर्क यह था कि ब्रिटिश सरकार (British Government) ने भारतीयों को व्यापार करने के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान किया था इसलिए उन्हें आयकर के रूप में शुल्क देना चाहिए।

जेम्स विल्सन (James Wilson)  का तर्क था कि ब्रिटिश हुकूमत व्यापारियों को व्यापार करने का बेहतर माहौल दे रही है,  (First Indian Budget)  इसलिए उनसे कुछ रकम तो वसूली जानी चाहिए. जेम्स विल्सन को उदारवादी प्रवृति का माना जाता था. उसकी मैगजीन द इकोनॉमिस्ट ने साम्राज्यवाद पर संदेह जताया था. 1862 में उसने तर्क दिया कि ब्रिटिश आधिपत्य वाले इलाकों को कुछ आजादी मिलनी चाहिए, तभी फायदा होगा. हालाँकि उसका विश्वास था कि गोरे लोगों की ये जिम्मेदारी बनती है कि वो असभ्य नस्लों का मार्गदर्शन करें, उन्हें अपने संरक्षण में रखें और आगे बढ़ने में मदद करें. ये एक तरह से ब्रिटेन के दूसरे देशों को अपने कब्जे में लेने को सही ठहराना था.

जेम्स विल्सन (James Wilson) जीवन के अंतिम समय में वो भारत में ही थे (First Indian Budget) वह कलकत्ता में रहते थे और 55 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। स्वतंत्र भारत का पहला बजट तत्कालीन वित्त मंत्री शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। उन्होंने यह बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया था।

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-Mradul tripathi

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