पेंशन पाने वाले ध्यान दें, बढ़ने वाली हैं पेंशन

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सुप्रीम कोर्ट का फैसला निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक बेहद ही बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। दरअसल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट सेक्टर में कार्य करने वाले कर्मचारियों की पेंशन को लेकर एक फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब कर्मचारियों की पेंशन कई गुना बढ़ गई है। केरल हाई कोर्ट के खिलाफ दायर की गई भविष्य निधि संगठन (EPFO) की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

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केरल हाई कोर्ट ने इस संबंध में फैसला सुनाया था कि कर्मचारियों को उनके पूरे वेतन के हिसाब से पेंशन दी जाए। जबकि कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) मौजूदा समय में सेवामुक्त हो चुके कर्मचारियों को 15 हजार रुपए के बेसिक वेतन के आधार पर पेंशन मुहैया कराता है। पेंशन की गणना करने के लिए भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) 15 हजार रुपए की बेसिक सैलरी को आधार मानता है। साल 2014 में हुए बदलाव के पहले भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) सेवा मुक्त होने के पिछले साल की औसत सैलरी के हिसाब से पेंशन तय करता आ रहा था।

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साल 2014 के सितम्बर माह में हुए बदलाव के बाद 15 हजार रुपए के 8.33 फीसदी योगदान को मंजूरी दी गई। इस फैसले के अलावा फुल सैलरी पर पेंशन देने के लिए पिछले 5 साल की सैलरी की गणना के आधार पर पेंशन निर्धारित करने का नियम बनाया गया। इस नए नियम के हिसाब से कमर्चारियों की पेंशन काफी कम हो गई। इसके विरोध में कर्मचारियों ने केरल हाई कोर्ट की शरण ली। केरल हाई कोर्ट ने साल 2014 में लागू किए गए नियम को खारिज कर पुनः पुराने नियम को लागू कर दिया।

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हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर फैसला सुनाते हुए कहा कि, पेंशन की गणना कर्मचारियों के नौकरी में बिताए कुल साल और अंतिम सैलरी के आधार पर निर्धारित की जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब प्राइवेट सेक्टर में जॉब करने वाले कर्मचारियों की पेंशन में 10 गुना से भी ज्यादा का इजाफा हो गया है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी ने किसी कम्पनी ने 33 साल अपनी सेवायें दी। जब वह सेवा मुक्त हुआ उस वक़्त यदि उसका वेतन 50 हजार रुपए था, ऐसे में उसकी मौजूदा पेंशन  5180 रुपए प्रतिमाह बनती थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब उसकी पेंशन 25 हजार रुपए प्रति माह बनेगी। मतलब 33 साल और उसकी अंतिम सैलरी की गणना के आधार पर उसकी पेंशन तय की जाएगी।

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