इंजीनियरिंग नहीं करनी है तो करें यह कोर्स

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समय के साथ-साथ इंजीनियरिंग का क्रेज कम होता जा रहा है| देश में इंजीनियरिंग के तूफ़ान के बाद हर किसी को इंजीनियर बनने की होड़ थी, लेकिन अब एक बार फिर लोग इंजीनियरिंग से दूर भाग रहे हैं| साइंस से 12वीं करने वाले बच्चे भी अब इंजीनियरिंग के अलावा और विकल्प की तलाश में हैं| इंजीनियरिंग के अलावा बहुत से ऐसे चौरस हैं, जो इस स्ट्रीम में आपको एक अच्छा और सफल करियर दे सकते हैं| ऐसे में कई ऐसे बेहतर विकल्प आज हम आपसे साझा कर रहे हैं|

नैनो-टेक्नोलॉजी

ग्लोबल इनफॉर्मेशन इंक की रिसर्च के मुताबिक, 2018 तक नैनो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के 3.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है| नैस्कॉम के मुताबिक, 2015 तक इसका कारोबार 180 अरब डॉलर से बढ़कर 890 अरब डॉलर हो जाएगा| ऐसे में इस फील्ड में 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी| 12वीं के बाद आप नैनो-टेक्नोलॉजी में बीएससी या बीटेक कर सकते हैं|

आयुर्वेद से करें बीएएमएस

फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ बायोलॉजी की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स BAMS यानी बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी कर सकते हैं| यह कोर्स साढ़े पांच साल का होता है, जिसमें एक साल इंटर्नशिप होती है|

स्पेस साइंस

इसके तहत कॉस्मोलॉजी, स्टेलर साइंस, प्लैनेटरी साइंस, एस्ट्रोनॉमी जैसी कई फील्ड्स आती हैं| इसमें तीन साल की बीएससी और चार साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्सेज खासतौर पर इसरो और बेंगलुरु स्थित IISC में कराए जाते हैं|

माइक्रोबायोलॉजी

यह विकल्प माइक्रोऑर्गनिज्म की पढ़ाई और उसके एप्लिकेशन से संबंधित है| सरकारी नौकरी के अलावा फार्मा, रिसर्च, फूड प्रॉडक्ट्स, एग्रीकल्चर सेक्टर्स में जॉब्स हैं|  फार्मा और फूड एंड बेवरेज इंडस्ट्री में माइक्रोबायोलॉजिस्ट की भारी मांग है|

रोबोटिक साइंस

यह फील्ड काफी तेजी से पॉपुलर हो रही है| इसका इस्तेमाल इन दिनों तकरीबन सभी क्षेत्रों में होने लगा है| जैसे- हार्ट सर्जरी, कार असेम्बलिंग, लैंडमाइंस| यदि आप इस फील्ड में आना चाहते हैं तो इस क्षेत्र से जुड़े कुछ स्पेशलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं| जैसे ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्‍ड रोबोटिक्स सिस्टम| कम्प्यूटर साइंस से स्नातक कर चुके स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए योग्य माने जाते हैं|

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