क्रेडिट एनालिस्ट बनकर संवारें करियर

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ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में हमारे देश में लोग बैंकिंग सुविधाओं का तेजी से इस्तेमाल करने लगे हैं। नोटबंदी के बाद तो बैंकों में मानो ग्राहकों का मेला सा लग गया है| बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस में निवेशकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। क्रेडिट एनालिस्ट का काम किसी बैंक या फाइनेंशियल ऑर्गेनाइजेशन में बहुत ही अहम और जिम्मेदारी से भरा होता है। आमतौर पर क्रेडिट एनालिस्ट बैंक में लोन आवेदकों का लेखा-जोखा रखते हैं और उनकी क्रेडिट वर्थिनेस का मूल्यांकन भी करते हैं। इनका मुख्य कार्य होता है निवेशकों और ग्राहकों के फाइनेंशियल डाटा को इकट्ठा करना और उसका विश्लेषण करना।

जरूरी स्किल्स

बैंक या किसी निजी संस्थान के लिए काम कर रहे एक क्रेडिट एनालिस्ट में कुछ अतिरिक्त योग्याताओं की जरूरत होती है, जैसे लगन से काम करना। क्रेडिट एनालिस्ट के रूप में ग्राहक की किसी भी सूचना या डाटा का गलती से छूट जाने से ग्राहक का गलत विश्लेषण हो सकता है और इसमें शामिल ग्राहक के लिए समस्याएं हो सकती हैं। क्वॉन्टिटेटिव एनालिसिस की पॉवर होनी चाहिए।

जरूरी शिक्षा

इस फील्ड में नौकरी करने के लिए कैंडिडेट का फाइनेंस, अकाउटिंग या इससे जुड़े फील्ड्स से ग्रेजुएशन होना जरूरी है। किसी भी फील्ड से ग्रेजुएट कैंडिडेट 1 वर्ष का ग्लोबल पीजी डिप्लोमा इन बैकिंग एंड फाइनेंस का कोर्स भी कर सकते हैं, जिससे उसके बैकिंग और फाइनेंस की प्रैक्टिकल नॉलेज तो मिलेगी, साथ ही बैकिंग स्किल्स विकसित होगी।

प्रमुख संस्थान

– इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, www.ignou.ac.nic

– इन्द्रपस्थ यूनिवर्सिटी, www.ipu.ac.in

– अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, www.amu.ac.in

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