एलआईसी क्यों खरीद रहा है …

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देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (जीवन बीमा निगम) सरकारी बैंक आईडीबीआई में हिस्सा लेने की तैयारी में है| जीवन बीमा निगम, आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है| आईआरडीए (बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण) ने एलआईसी को इसकी मंजूरी दे दी है|

हैदराबाद में शुक्रवार को इरडा की बोर्ड मीटिंग में यह फैसला किया गया| आपको बता दें कि फिलहाल आईडीबीआई बैंक में सरकार की 81 फीसदी हिस्सेदारी है| एलआईसी के पास 10.8 फीसदी हिस्सेदारी है| शेयर बाजार रेग्युलेटर सेबी के बनाए नियमों के मुताबिक, कोई भी बीमा कंपनी किसी कंपनी में 15 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकती है इसलिए एलआईसी को विशेष अनुमति की ज़रूरत पड़ी|

आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी खरीदने के लिए एलआईसी 10,000 से 13,000 करोड़ रुपए तक निवेश करेगी| आपको बता दें कि इससे पहले सरकार बैंक में 18,491 करोड़ रुपए निवेश कर चुकी है| इसमें से 10,610 करोड़ पिछले साल और 7,881 करोड़ इस साल मई में दिए गए थे|  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बावजूद एलआईसी को आईडीबीआई बैंक का मैनेजमेंट कंट्रोल नहीं मिलेगा|

एलआईसी को 5 से 7 साल में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 15 फीसदी पर लानी पड़ेगी| बीमा रेगुलेटर ने एलआईसी से हिस्सेदारी घटाने का शेड्यूल भी मांगा है| इस बीच आईडीबीआई बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि अभी तक एलआईसी की तरफ से 13,000 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव उसके पास नहीं आया है|

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