ऐसे कर रहे व्यापारी गोलमाल

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वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली के अंतर्गत शुरू की गई ई-वे बिल प्रणाली को देश में लागू हुए अभी एक महीना भी नहीं बीता है और व्यापारी इस नई व्यवस्था में भी सेंध लगाने में सफल हो गए हैं| फिलहाल ई-वे बिल प्रणाली को 50,000 रुपए से अधिक के सामान को सड़क, रेल, वायु या जलमार्ग से एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने पर लागू किया गया है|

बताया जा रहा है कि नई प्रणाली में हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी नई योजना पर काम कर रहे हैं| अभी तक गड़बड़ी करने वाले चार वाहनों को पकड़ा गया है, जिनसे कर सहित आठ लाख की राशि वसूली गई है|

गौरतलब है कि देश में एक अप्रैल 2018 से अंतरराज्यीय ई-वे बिल प्रणाली लागू की गई है| इस प्रणाली के का उद्देश्य कर चोरी पर लगाम कसना है, लेकिन अभी भी कई व्यापारी मिक्स माल के नाम पर कर चोरी कर रहे हैं|

बताया जा रहा है कि जिन व्यापारियों का पचास हजार से अधिक का सामान होता है, उनका ई-वे बिल तो बना दिया जाता है, लेकिन अभी भी एक ही बिल की आड़ में लाखों का सामान ले जाया जा रहा है| अब ऐसे वाहन खुफिया विभाग की नजर में हैं|

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