नोटबंदी से बने देश के सबसे युवा अरबपति

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पेटीएम का नाम अब हमारे लिए बिल्कुल भी नया नहीं है| डिपार्टमेंटल स्टोर्स से गली की छोटी किराना दुकान तक, मोबाइल रिचार्ज से लेकर टीवी रिचार्ज तक, ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर इलेक्ट्रिसिटी बिल तक, पेटीएम ने भारत में कैशलेस पेमेंट मैकेनिज्म को पुनः परिभाषित किया है| पेटीएम आज ऑनलाइन ट्रांजेक्शंस के मामले में देश का सर्वश्रेष्ठ एप है| इससे भी रोचक है पेटीएम बनाने वाले विजय शेखर का देश के सबसे युवा अरबपति बनने का सफ़र|

39 वर्षीय विजय शेखर मोबाइल वॉलेट पेटीएम के संस्थापक हैं| 1.7 अरब डॉलर संपत्ति के साथ विजय शेखर इस वक़्त दुनिया के अरबपतियों में 1,394 वें पायदान पर हैं वहीं भारत में 40 से कम उम्र के वे इकलौते अरबपति हैं| विजय शेखर ने 2011 में पेटीएम बनाई थी| नरेन्द्र मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया और नोटबंदी के बाद कंपनी ज्यादा चर्चित हुई| बाद में विजय ने ई-कॉमर्स, पेटीएम मॉल और अब पेटीएम पेमेंट बैंक आदि भी बनाया|

विजय शेखर के बनाए पेटीएम में इस समय 25 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और रोज 70 लाख से ज्यादा लेन-देन होते हैं| विजय शेखर ने पेटीएम के जरिये इंडिया को कैशलेस बनाने में सरकार का समर्थन किया| विजय शेखर भारत में स्टार्टअप्स के जगत के हीरो माने जाते हैं, जिन्होंने कम समय में देश के सबसे युवा अरबपति बनने का सफ़र पूरा किया|

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