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बैंक ग्राहकों के लिए खुशखबरी, लोन हुआ सस्ता

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 अगस्त को रेपो रेट में 0.35 फीसदी की कटौती की है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास ने बैंक की रेपो रेट 0.35 फीसदी घटाकर 5.40 फीसदी कर दी है। यह दर 9 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। रिजर्व बैंक द्वारा चौथी बार रेपो रेट में कटौती की गई है। रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो घटाए जाने के बाद देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने भी अपनी ब्याज दरें घटा दी थीं। इसी क्रम में 3 अन्य बैंको ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC), बैंक ऑफ महाराष्ट्र और आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) ने भी विभिन्न अवधि के कर्ज पर अपनी ब्याज दर में 0.05 फीसदी से 0.15 फीसदी तक की कटौती की है।

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ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) द्वारा विभिन्न अवधियों के कर्ज पर एमसीएलआर (MCLR) में 0.10 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इस कटौती के बाद अब एक साल के कर्ज पर ब्याज घटकर 8.55 प्रतिशत हो गया है। यह एक साल का एमसीएलआर (MCLR) मानक दर है। एमसीएलआर (MCLR) के आधार पर ही वाहन, व्यक्तिगत तथा आवास ऋण पर ब्याज निर्धारित किया जाता है। एक साल के अलावा छः माह की अवधि के कर्ज पर एमसीएलआर (MCLR) में 0.05 प्रतिशत से लेकर 0.10 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। यह नई दरें 10 अगस्त से लागू कर दी गई हैं।

बैंक ग्राहकों के लिए खुशखबरी, लोन हुआ सस्ता

ओरिएंटल बैंक के अलावा आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) ने भी अपने एक साल के कर्ज के एमसीएलआर (MCLR) में 0.10 प्रतिशत की कटौती की है। इस कटौती के बाद एक साल के कर्ज पर ब्याज 8.95 प्रतिशत हो गया है। आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) द्वारा 3 माह से लेकर 3 साल के लिए ब्याज दरों में 0.05 से लेकर 0.15 प्रतिशत तक की कमी की गई है। हालांकि बैंक ने 1 माह के कर्ज के लिए ब्याज दरों में कोई भी परिवर्तन नहीं किया है। नई ब्याज दरें आज यानी 12 अगस्त से लागू कर दी गई हैं।

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MCLR को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट कहा जाता है। ये दर बैंचमार्क दर कहलाती है। सभी बैंक अपने फंड की लाग के अनुसार लोन यानी कर्ज के ब्याज की दरों का निर्धारण करते हैं। अगर यह दर बढ़ती है तो लोन महंगा हो जाता है और इसमें कटौती किए जाने पर लोन सस्ता हो जाता है।

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