जॉनसन की कंपनी पर 32 हज़ार करोड़ का जुर्माना

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हर माता-पिता अपने बच्चे का बड़ी सजगता से ध्यान रखते हैं | उस मासूम के लिए हर चीज जांच-परखकर चुनाव करते हैं। वे बच्चों के तेल, साबुन और पाउडर से लेकर कपड़े तक हर चीज का चुनाव करते समय सावधानी बरतते हैं| इतनी सावधानी के बावजूद हम अपने बच्चों के लिए कुछ ऐसा चुन लेते हैं, जो उन्हें कैंसर जैसी घातक बीमारी के संपर्क में ला सकता है|

हर मासूम की हिफाज़त के लिए वर्षों से पहचान बनाने वाली कंपनी ‘जॉनसन एंड जॉनसन’ को बड़ा झटका लगा है| जॉनसन एंड जॉनसन पाउडर के इस्तेमाल से कैंसर होने के मामले में कई बार कंपनी पर जुर्माना लगाया जा चुका है, लेकिन यह इसके लिए अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक दंड है| इस समय कंपनी पर लगभग 9,000 मुकदमे चल रहे हैं| इनमें पाउडर के इस्तेमाल से कैंसर होने और इसमें एस्बेस्टस होने के आरोप लगाए गए हैं| वकीलों की माने तो कंपनी इस बात को जानती थी कि उसके टैलकम पाउडर में एस्बेस्टस मिला हुआ है इसके बावजूद उपभोक्ताओं को इसके प्रति आगाह नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों की ज़िंदगी को इस तरह से खतरे में नहीं डाला जा सकता है|

शेयर में भी गिरावट

लगभग पांच सप्ताह तक चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी ओर से विशेषज्ञ पेश किए| हालांकि अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कंपनी ने कहा कि मामले की सुनवाई सही तरीके से नहीं हुई है और वह फैसले को चुनौती देगी| अदालत का फैसला आने के बाद शेयर बाजार में ‘जॉनसन एंड जॉनसन’ के शेयर का मूल्य गिर गया|

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