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बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए चाइल्ड प्लान में करें निवेश

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हर व्यक्ति के जीवन में खर्च तो लगा ही रहता है। इसी खर्च को चलाने के लिए लोग इतनी मेहनत करते हैं, भाग-दौड़ करते हैं। इन सभी खर्चों के बीच एक बेहद ही मुख्य जिम्मेदारी होती है बच्चों की परवरिश। बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए उन्हें अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलवाना हर माता-पिता कर्तव्य होता है और उनकी इच्छा भी। हर माता-पिता यही चाहते हैं कि उनकी बच्चे को बेहतर से बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सके। हर मध्यमवर्गीय भारतीय के लिए बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च सबसे बढ़ा खर्च होता है (Child Future Plan)। आज के दौर में पढ़ाई-लिखाई का खर्च बेहद ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में आपको उनकी पढ़ाई के लिए अभी से योजना तैयार कर लेनी चाहिए।

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बच्चे के जन्म के साथ ही उसके कैरियर के लिए योजना बनानी शुरू कर देनी चाहिए ताकि उसे उसकी पसंद के हिसाब से शिक्षा ग्रहण करवाई जा सके। कई बच्चे विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं, तो कई बच्चे उच्च शिक्षण संसथान में दाखिला लेना चाहते हैं। ऐसे में एक बड़ी धनराशि की आवश्यकता होती है (Child Future Plan)। ऐसे में यदि आप अभी से योजना बनाएंगे तो आपको भविष्य में किसी भी तरह की कोई भी परेशानी नहीं आएगी। हालांकि बच्चों की पढ़ाई के खर्च का अनुमान लगाना बेहद ही मुश्किल काम है। क्योंकि साल दर साल पढ़ाई में होने वाला खर्चा काफी बढ़ता जा रहा है।

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अगर आप अपने बच्चे को बेहतर से बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं तो आपको उसके जन्म के 60 से 90 दिनों के अंदर ही निवेश शुरू कर देना चाहिए। जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे उसका फायदा भी आपको बेहतर रूप से मिल सकेगा और आप बच्चे के भविष्य के लिए ज्यादा से ज्यादा धनराशि एकत्र कर सकेंगे (Child Future Plan)। एक्सपर्ट्स के अनुसार लंबी अवधि के निवेश पर चक्रवृद्धि प्रभाव देखने को मिलता है जिससे आपका निवेश भी काफी अधिक बढ़ जाता है। जब निवेश की बात आती है तो सभी को यह समझ नहीं आता की वे कहां निवेश करें।

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अगर आपको भी यही परेशानी हो रही है तो आप यूनिट लिंक्ड चाइल्ड प्लान में निवेश कर सकते हैं। इसके बाद आप इस पॉलिसी को सुरक्षित फंड्स में शिफ्ट कर सकते हैं ताकि मैच्योरिटी से पहले पॉलिसी का जोखिम घटाया जा सके। इसका सबसे बड़ा फायदा है कि यदि किसी कारणवस बच्चे के अभिभावक की अचानक मृत्यु हो जाती है तो इसका प्रीमियम या तो माफ़ हो जाता है या फिर उसका भुगतान बीमा कंपनी करती है। लेकिन यह पॉलिसी कभी बंद नहीं होती। निर्धारित अवधि तक इसका प्रीमियम कंपनी द्वारा चुकाया जाता है और फिर तय अवधि के बाद मैच्योरिटी ली जा सकती है।

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