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हिंदुस्तान यूनिलीवर में मिलने वाली है GSK

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देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर जल्द ही देश की सबसे बड़ी डील करने वाली है| एचयूएल द्वारा ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर को 31,700 करोड़ रुपए में खरीदने के बाद यह देश के एफएमसीजी सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी डील बन जाएगी| इसके लिए एचयूएल के बोर्ड द्वारा भी मंजूरी मिल गई है| ऐसा माना जा रहा है कि यह सौदा 12 महीने में पूरा हो जाएगा|

हिंदुस्तान यूनिलीवर में ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन का विलय

यूनिलीवर पीएलसी की इंडियन यूनिट हिंदुस्तान यूनिलीवर में ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर का विलय होने वाला है| इसके बाद हॉर्लिक्स, बूस्ट और माल्टोवा माल्टेड ड्रिंक जैसे ब्रांड्स भी एचयूएल को मिल जाएंगे| इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि सेंसोडाइन, ईनो और क्रोसिन जैसे ओवर द काउंटर और ओरल केयर ब्रांड्स के वितरण भी पांच साल के लिए कंपनी को मिल सकते हैं| इस विलय के बाद एचयूएल में यूनिलीवर की होल्डिंग 67.2 प्रतिशत से घटकर 61.9 प्रतिशत रह जाएगी|

गौरतलब है कि जीएसके दुनियाभर में जितना हॉर्लिक्स बेचता है, उसमें भारत की हिस्सेदारी 85 से 90% है| देश के न्यूट्रिशन ड्रिंक मार्केट में हॉर्लिक्स 43% मार्केट शेयर के साथ सबसे बड़ा ब्रांड है| मॉन्डेलेज इंटरनेशनल के बोर्नविटा की 13% हिस्सेदारी है| बूस्ट, विवा और माल्टोवा ब्रांड्स पर विलय के बाद एचयूएल का स्वामित्व होगा| वहीं अभी जीएसके पीएलसी के मालिकाना हक वाले हॉर्लिक्स को पैरेंट यूनिलीवर खरीद रही है और एचयूएल भारत में इसके उपयोग पर अपनी पैरेंट कंपनी को रॉयल्टी देगी|

एचयूएल के चेयरमैन संजीव मेहता का कहना है, “यह हमारे लिए बहुत ही रणनीतिक और बदलाव वाला सौदा है| विलय पूरा होने पर हमें आमदनी और लागत के लिहाज से तालमेल का असर दिखेगा| भारतीय उपभोक्ताओं के लिहाज से देखें तो हेल्थ और वेलनेस की बड़ी ज़रूरत है| यह विलय इस स्पेस में बिल्कुल फिट बैठता है|”

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