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स्टार्टअप्स को फाइनेंस करेंगे साइरस मिस्त्री

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टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने स्टार्टअप कोष मिस्त्री वेंचर्स एलएलपी शुरू करने की घोषणा की। यह कोष स्टार्टअप फाइनेसिंग और विकास कार्य में मदद करेगा। अरबपति साइरस और शापोर मिस्त्री इसे प्रमोट करेंगे। नई कंपनी को साइरस और उनके बड़े भाई शापोर चलाएंगे। दोनों ही शापोरजी पल्लोनजी समूह के प्रमोटर हैं, जिसकी टाटा संस में 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

नकदी की कोई कमी नहीं

देश के चौथे सबसे अमीर भारतीयों द्वारा प्रमोटेड इस नए वेंचर में नकदी की कोई कमी नहीं रहेगी। फोब्स मैगजीन की लिस्ट के अनुसार मिस्त्री परिवार भारत का चौथा सबसे अमीर परिवार है। इस परिवार के पास कुल 18.7 अरब डॉलर की संपत्ति है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिस्त्री बंधु इस वेंचर के शुरुआत में 100 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे।

आशीष होंगे सीईओ

साइरस मिस्त्री व्यक्तिगत रूप से इसका कामकाज देखेंगे। कंपनी की तरफ से बयान में कहा गया है कि आशीष अय्यर नई कंपनी के चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर होंगे। आशीष इससे पहले बोस्टन कंस्लटिंग ग्रुप में ग्लोबल लीडर (स्ट्रैटजी प्रैक्टिस) रह चुके हैं। बयान में कहा गया है कि अय्यर विभिन्न क्षेत्रों की कई कंपनियों में काम कर चुके हैं

निवेश सीमित नहीं

मिस्त्री ने कहा कि, हमारा इरादा सकारात्मक सामाजिक प्रभाव के साथ मुनाफे का है। उन्होंने कहा कि मिस्त्री वेंचर्स कंपनियों में निवेश करने तक सीमित नहीं रहेगी। कई प्रमुख वैश्विक और स्थानीय प्रवृत्ति की व्याख्या और उनके उद्योग और कंपनियों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने के बाद हम उन कारोबार को आगे बढ़ने में मदद करेंगे। साथ ही भागीदारी और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करेंगे। मिस्त्री ने कहा कि कंपनी स्टार्टअप्स की सहायता के लिए संरक्षण और उन्हें विशिष्ट प्रकार की क्षमता प्रदान करने में मदद करेगी। इससे स्टार्टअप्स को कारोबार के क्षेत्र में रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

 दूसरे चेयरमैन थे मिस्त्री

गौरतलब है कि टाटा संस के निदेशक मंडल ने 24 अक्टूबर 2016 को मिस्त्री को चेरयरमैन पद से हटा दिया था। वब दिसंबर 2012 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। 150 साल के इतिहास में मिस्त्री चेयरमैन बनने बनने वाले टाटा परिवार से बाहर के दूसरे व्यक्ति थे। इससे पहले 1934-38 के दौरान टाटा समूह से बाहर के नवरोजी सकलतवाला चेयरमैन थे।

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