भारतीय बाज़ार में फ्लिपकार्ट और अमेज़न की जंग

0

ई-कॉमर्स ने पिछले कुछ सालों में भारतीय बाजार में अपनी ऐसी धाक जमा ली है कि विश्व स्तर पर भारत बड़े ऑनलाइन बाज़ारों में से एक है| देश के ई-कॉमर्स सेक्टर में कौन सी कंपनी टॉप पर रहेगी, इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं| फ्लिपकार्ट की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू या ग्रॉस सेल्स 2017-18 में 51 प्रश बढ़कर 6.2 अरब डॉलर हो गई| फ्लिपकार्ट को 2020-21 तक इसके लगभग तिगुना होकर 17.6 अरब डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद है|

सिटी रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक अमेज़न इंडिया की जीएमवी  2020 में 17 अरब डॉलर और 2021 में 23 अरब डॉलर पर पहुंच सकती है| ई-कॉमर्स सेक्टर को ट्रैक करने वाले कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि वालमार्ट की ओर से मई में फ्लिपकार्ट को खरीदने के मद्देनजर फ्लिपकार्ट का ग्रोथ का अनुमान कम दिख रहा है|

वेंचर कैपिटल फर्म इन्वेंट्स कैपिटल पार्टनर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर, ऋत्विक दोशी ने कहा, “अमेज़न के भारत में तेजी से ग्रोथ हासिल करने का कारण इसकी ग्लोबल मौजूदगी है| अमेज़न के पास पहले से प्रोसेस और इंटरनल सिस्टम मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल भारतीय मार्केट के लिए किया जा सकता है| फ्लिपकार्ट देशी कंपनी है| यदि वॉलमार्ट की डील आगे बढ़ती है तो फ्लिपकार्ट को भी कई बेहतर इंटरनल सिस्टम मिलेंगे। मुझे फ्लिपकार्ट की ग्रोथ काफी तेज़ होने की उम्मीद है|”

Share.