बैंक ऑफ महाराष्ट्र में करोड़ों का घोटाला

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पुणे की आर्थिक अपराध शाखा ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मैनेजिंग डायरेक्टर रविंद्र मराठे को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि डीएसके ग्रुप को कर्ज के तौर पर 3000 करोड़ रुपए दिए थे। बैंक से कर्ज लेने के बाद कंपनी अब कर्ज वापस करने की स्थिति में नहीं है, जिस कारण डिफॉल्ट के मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने यह कदम उठाया है।

एमडी और सीईओ के अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक आरके गुप्ता और बैंक के पूर्व सीएमडी सुशील मुहनीत को भी हिरासत में लिया गया है। आर्थिक अपराध शाखा का आरोप है कि बैंक के गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की मिलीभगत से ही दिवालिया हो चुके बिल्डर डीएस कुलकर्णी को लोन दिलाने में मदद की गई।

4000 निवेशकों को धोखा

डीएसके ग्रुप के प्रमुख डीएस कुलकर्णी पुणे बेस्ड बिल्डर हैं, कुलकर्णी पर 4000 निवेशकों को धोखा देने का आरोप है। डीके और उनकी पत्नी हेमंती को इस वर्ष फरवरी में क्राइम ब्रांच ने अरेस्ट किया था। कुलकर्णी पर बैंक का पैसा न चुकाने, सही समय पर फ्लैट न देने और निवेशकों के 230 करोड़ रुपए भी नहीं लौटाने का आरोप है।

अटैच नोटिफिकेशन किया था जारी

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तीन ऑफिसर के अलावा जो लोग अरेस्ट हुए हैं, उनमें डीएसके ग्रुप के सीए सुनील घाटपांडे, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के वाइस प्रेसिडेंट राजीव नेवासकर और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के जोनल मैनेजर नित्यानंद देशपांडे शामिल हैं। पिछले महीने महाराष्ट्र सरकार ने कुलकर्णी, उनकी वाइफ और डीएसके ग्रुप के अधिकारियों से जुड़ी 124 प्रॉपर्टीज, 276 बैंक अकाउंट और 46 व्हीकल्स अटैच करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था।

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