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Sunday, May 20, 2018

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बौद्ध भिक्षुओं के प्रवेश पर चीन में रोक

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कहते हैं कि जब किसी धरती पर पुण्य फलित होते हैं तो संतों और धर्मगुरुओं का आगमन होता है| भला ऐसा कौन होगा, जो अपने घर में धर्मगुरुओं के स्वागत को आतुर न रहता हो |

चीन ने उसी पंथ के धर्मगुरुओं के आगमन पर रोक लगा दी है | इसके अधिकांश अनुयायी चीन में निवासरत हैं | उनका गुनाह सिर्फ इतना है कि वे भारत में कुछ दिन गुजार चुके थे |

दरअसल, चीन के सिचुआन प्रांत के लिटयांग काउंटी में बौद्ध भिक्षुओं के आगमन पर रोक लगा दी है | इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि ये भारत में गलत तरह से शिक्षित किए गए हैं | चीन को आशंका है कि ये बौद्ध भिक्षु चीन में अलगाववाद को प्रोत्साहन दे सकते है |ये बौद्ध भिक्षु तिब्बत की आजादी के लिए भी आवाज उठाते रहे हैं |

लिटयांग प्रांत के पारंपरिक और धार्मिक अफेयर्स ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया, “हर साल काउंटी की तरफ से देशभक्ति की क्लास लगाई जाती है। इनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले को अवॉर्ड भी दिया जाता है। यह अवॉर्ड तिब्बतियन बुद्धिस्ट स्टडीज इन इंडिया का सबसे बड़ा अवॉर्ड होता है।“

धार्मिक मामलों से जुड़ी कमेटी के पूर्व मुखिया झु वाइकुआन ने कहा, “कुछ गुरुओं को विदेशों में 14वें  दलाई लामा के समूह से बौद्ध धर्म की शिक्षा मिली होती है। दलाई लामा को हम एक अलगाववादी नेता के तौर पर देखते हैं इसलिए यह जरूरी है कि इन धर्मगुरुओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि ये स्थानीय धर्मगुरुओं के साथ मिलकर अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम न दे सकें।“

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