वसुंधराराजे ने लिया संतों से आशीर्वाद

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चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं| इस पर नेताओं ने आशीर्वाद लेने के लिए नई रणनीति अपनाई है। जहां एक ओर मध्यप्रदेश के सीएम शिवराजसिंह चौहान साधु-संतों से आशीर्वद लेने के बाद अब जनआशीर्वाद यात्रा पर निकले हैं। वहीं अब राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे भी संतों की शरण में आ गई है।

मांगा आशीर्वाद

सीएम वसुंधराराजे दो दिवसीय डूंगरपुर यात्रा पर हैं। सीएम जनसंवाद कार्यक्रम सहित जिले में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत कर रही है। सोमवार को वे श्रीनाथजी मंदिर पहुंची, जहां उन्होंने साधु-संतों से आशीर्वाद लिया। सीएम ने कहा, ”तमारो सबनो आशीर्वाद लेवा आवी हूं। म्हारे उपर पूरो आशीर्वाद राखजो।”

आदिवासियों से रूबरू

वसुंधराराजे आदिवासियों से भी रूबरू हुई। उन्होंने 86 करोड़ रुपए लागत की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। सीएम राजे ने आदिवासी महिलाओं के साथ उन्हीं की भाषा में संवाद किया।

आदिवासी जीत के लिए अहम

राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में आदिवासी हमेशा अहम रहे हैं। राजस्थान के इतिहास में अब तक उस पार्टी ने सत्ता पर कब्ज़ा जमाया है, जिसने आदिवासी बहुल 20 विधानसभा सीटें जीती हैं। वर्ष 2003 में आदिवासियों ने भाजपा को समर्थन दिया था, तब भाजपा को जीत मिली थी। 2008 में आदिवासियों ने कांग्रेस का साथ दिया तो भाजपा सरकार से बाहर और कांग्रेस के नेतृत्व में अशोक गेहलोत ने सरकार बनाई। वर्ष 2013 में आदिवासियों से समर्थन लेकर फिर भाजपा सरकार में आ गई।

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