यहां उमा भारती की प्रतिष्ठा लगी दांव पर…

0

टीकमगढ़ जिले में आने वाली खरगापुर विधानसभा सीट पर सबकी नज़रें बनी हुई हैं। इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की साख दांव पर लगी हुई है। यहां उनका भतीजा राहुलसिंह लोधी मैदान में है, जिन्हें कांग्रेस टक्कर दे रही है। खरगापुर सीट टीकमगढ़ जिले की सबसे बड़ी विधानसभा सीट कही जाती है। फिलहाल यहां से कांग्रेस की चंदा गौर विधायक हैं, जिन्हें पार्टी ने इस बार भी उम्मीदवार बनाया है।

खरगापुर विधानसभा सीट पर जातिगत मुद्दे के आधार पर ही चुनाव लड़ा जाता है। वर्तमान में 2,18,114 मतदाता वाली इस सीट पर ओबीसी मतदाता निर्णायक भूमिका निभाता है। पूरे बुंदेलखंड में प्रभाव रखने वाले लोधी समाज के अकेले 45000 हजार से भी ज्यादा मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं जबकि यादव समाज के 4000 मतदाताओं का साथ जिस भी पार्टी को मिला, उसका जीतना तय रहता है। यही कारण है कि दोनों राजनीतिक दलों ने इस बार जाति को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है।

बात खरगापुर विधानसभा सीट के राजनीतिक समीकरणों की करें तो भले ही इसी सीट पर जातिगत मुद्दा हावी माना जाता है परंतु यहां का मतदाता परिवर्तन करता आया है। 1998 में इस सीट पर कांग्रेस ने चुनाव जीता था। 2003 में जनता ने भाजपा को अपना समर्थन दिया। वहीं 2008 के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने भाजपा और कांग्रेस को छोड़ उमा भारती की पार्टी जनशक्ति पर भरोसा जताया जबकि 2013 में एक बार फिर कांग्रेस की वापसी हुई। इन आंकड़ों से बात का अंदाजा लगाया जा सकता है, इस सीट पर जनता चुनाव में परिवर्तन करती है।

Share.