यह चायवाला 24 साल से लड़ रहा चुनाव

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अजीबोगरीब प्रत्याशी देखने को मिल रहे हैं। सभी अपनी-अपनी जीत का दावा करते हैं परंतु ग्वालियर में एक ऐसा उम्मीदवार है, जो जानता है कि वह हारेगा, फिर भी चुनावी मैदान में उतरता है। ये जुनूनी नेता 24 साल से चुनाव में भाग्य आज़मा रहे हैं, उनकी ज़मानत जब्त हुई, फिर भी नेताजी फिर से चुनाव में खड़े हुए हैं।

दरअसल, ग्वालियर के तारागंज में समाधिया कॉलोनी के गेट पर चाय की छोटी-सी दुकान चलाने वाले आनंदसिंह कुशवाहा को 1994 में पार्षद का चुनाव लड़ने के दौरान वर्तमान मंत्री नारायणसिंह कुशवाहा ने कुछ ऐसा बोल दिया कि तभी से उनका चुनाव लड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। आनंदसिंह ये नहीं बताते कि नारायणसिंह ने उनसे क्या कहा था, परंतु वे शपथ ले चुके हैं कि जब तक सांस है चुनाव लड़ते रहेंगे।

आनंदसिंह कुशवाहा पिछले 24 सालों में पार्षद से लेकर लोकसभा चुनाव तक लड़ चुके हैं और पत्नी को महापौर का चुनाव भी लड़वा चुके हैं। हमेशा उनकी जमानत ही जब्त हुई है। फिर भी उनका चुनाव लड़ने का जुनून जारी है। वे पांच वर्ष में चुनाव पर लगभग एक लाख रुपए खर्च कर देते हैं, पर चुनाव लड़ना नहीं छोड़ते। उनकी आमदनी का मुख्य स्त्रोत केवल छोटी-सी चाय की एक दुकान है।

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