एक चुनाव पर विधि आयोग का सुझाव

0

एक चुनाव पर विधि आयोग का सुझावविधि आयोग लोकसभा और विधानसभा चुनाव को एक साथ कराए जाने के पक्ष में है। आयोग ने तीन विकल्पों का सुझाव दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि विभिन्न बिंदुओं पर विचार होना बाकी है। ड्राफ्ट रिपोर्ट में कहा है कि व्यापक राष्ट्रहित में एक साथ चुनाव कराने का समय आ गया है। हालांकि इसके लिए संविधान और मौजूदा कानून में संशोधन करने होंगे।

विधि आयोग का कहना है कि एक साथ चुनाव करवाने से सरकारी खर्च में कटौती होगी और सरकारी योजनाओं को अच्छे से लागू करने में सहायता मिलेगी। आयोग ने कहा है कि इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 172 में संशोधन करना होगा, इसके लिए राज्यों की सहमति की ज़रूरत नहीं होगी। एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। आयोग ने कहा कि इसके लिए इस मुद्दे पर और बहस ही ज़रूरत भी होगी क्योंकि कई जटिल मुद्दे भी इसमें शामिल हैं।

विधि आयोग का कहना है कि एक साथ चुनाव कराना एकदम सही निर्णय होगा, लेकिन इसके लिए संविधान में कोई कामगार फार्मूला तैयार करना होगा। इसके लिए इस मुद्दे पर आगे बहस और जांच की जरूरत होगी ताकि सरकार को आगे सिफारिश भेजी जा सके।

आयोग ने कहा कि संवैधानिक संशोधन आधे राज्यों में एक साथ चुनाव के लिए आवश्यक नहीं है। 12 राज्यों और एक संघीय क्षेत्र के चुनाव 2019 के आम चुनावों के साथ किए जा सकते हैं। 2021 में 16 राज्यों पुडुचेरी के चुनाव आयोजित किए जा सकते हैं। ऐसा होता है तो भविष्य में पांच साल की अवधि में केवल दो बार चुनाव होंगे। यदि एक साथ चुनाव करने के कुछ कारणों के लिए यह संभव नहीं है तो एक साल में होने वाले सभी चुनाव एक साथ आयोजित किए जा सकते हैं।

Share.