मजदूर तबके पर दांव खेलती शिवराज सरकार

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भाजपा नेताओं से जनता को जो नाराजगी है, उसे लेकर भाजपा चिंतित है। इसकी झलक सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा ली गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिखाई दी। सीएम ने विधायकों से दो टूक कहा कि “घूमो रे भैया घूमो, बाहर निकलो, जनता के बीच जाओ। अब समय कम बचा है।“

सीएम ने मंत्रियों, अफसरों और विधायकों से कहा कि सरकार ने जनकल्याण के इतने कार्य किए हैं कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि हमने गरीबों के कल्याण के लिए इतने कार्य किए हैं, जितने कम्युनिस्टों ने भी नहीं किए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक संबल योजना में 1 करोड़ 83 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है। इस योजना में मुख्यमंत्री बकाया बिल माफी योजना में 5 हजार 179 करोड़ रुपए के बिजली के बकाया बिल माफ होंगे। बिजली बिल माफी के लिए अब तक प्रदेश में 16 लाख हितग्राहियों ने पंजीयन करवाया है, जिन्हें 200 रुपए प्रतिमाह फ्लेट दर से बिजली के बिल दिए जाएंगे।

10 से 30 जुलाई तक वितरित होंगे स्मार्ट कार्ड

उन्होंने आगे कहा कि संबल योजना गरीबों की ज़िंदगी बदलने का अभियान है। इसके माध्यम से गरीबों को सामाजिक सुरक्षा दी जा रही है। कोई भी पात्र श्रमिक योजना में पंजीयन कराने से नहीं छूटे, यह सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना में सभी पंजीकृत श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड 10 से 30 जुलाई के बीच वितरित किए जायेंगे। योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्र में वार्ड स्तर पर चयनित पांच-पांच संबल सहयोगियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। संबल योजना में जिन जिलों में पंजीयन कम हुआ है, वहां फिर से शिविर लगाकर पंजीयन करवाया जाए। कलेक्टर प्रतिदिन योजना की समीक्षा भी करें।

संबल योजना के स्मार्ट कार्ड

आगामी चुनाव को देखते हुए शिवराज सरकार ने मजदूर तबके को लुभाने के लिए सियासी दांव खेला है। संबल योजना में मजदूरों के लिए बनाए जा रहे स्मार्ट कार्ड पर सरकार 18 करोड़ रुपए खर्च करेगी। कार्ड का रंग नारंगी रहेगा। कार्ड की वैधता 5 साल तय की गई है। सरकार ने पिछले महीने मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना की शुरुआत की है। श्रम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में कामकाजी और असंगठित मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया है। इसे मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल संचालित करेगा।

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