सचिन पायलट ने गठबंधन को लेकर दिया बड़ा बयान

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राजस्थान के चुनावी मैदान में पार्टियों में सत्ता पाने की लड़ाई शुरू हो चुकी है। कांग्रेस ने भाजपा को धूल चटाने के लिए बसपा सहित अन्य दलों से गठबंधन करने का विचार बना लिया है। वहीं चुनाव में कांग्रेस किसी भी दल से गठबंधन नहीं करने वाली बात कहने वाले प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने यू टर्न ले लिया है। दिल्ली में हुई एक अहम बैठक के बाद सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस भाजपा को हराने के लिए किसी भी दल के साथ गठबंधन पर चर्चा करने को तैयार है।

पायलट के इस बयान के साथ ही प्रदेश की राजनीति में हलचल सी मच गई है। सवाल उठने लगे हैं कि कल तक भाजपा को अकेले हराने का दम रखने वाली कांग्रेस को आख़िर गठबंधन की क्या ज़रूरत है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से गठबंधन को लेकर बनाई जा रही रणनीति के तहत यह निर्णय लिया गया है, लेकिन अभी यह निर्णय नहीं हो सका है कि कांग्रेस बसपा के साथ कितनी सीटों पर गठबंधन करेगी। कांग्रेस दूसरे दलों से कितनी सीट पर गठबंधन करेगी, यह निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले तक प्रदेश में बसपा के साथ गठबंधन पर सचिन पायलट ने कहा था कि इसकी ज़रूरत नहीं है। राज्य में जिस तरह का माहौल बना हुआ है, उसे देखते हुए कांग्रेस अपने दम पर भाजपा को मात देगी, लेकिन अब पायलट के सुर बदले-बदले से नज़र आने लगे हैं। हालांकि उन्होंने यह कहा कि गठबंधन पर चर्चा सम्मानजनक और सीटों की वास्तविक संख्या के आधार पर होगा।

बसपा का इन सीटों पर दावा

सूरतगढ़, भादरा, तारानगर, राजगढ़, रतनगढ़, हनुमानगढ़, लूणकरणसर, नवलगढ़, मंडावा, सूरजगढ़, खिंवसर, डिडवाना, दौसा, महुला, करौली, गंगापुर सिटी, धौलपुर, बाड़ी, भरतपुर, रामगढ़, तिजारा, लूणी, झुंझुनूं, लोहावट।

शरद यादव से गठबंधन पर संकेत

वहीं दूसरी तरफ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस वागड़ और मेवाड़ की कुछ सीटों पर शरद यादव की लोकतांत्रिक जनता दल से भी समझौता कर सकती है। शरद यादव ने कांग्रेस से करीब 12 सीटें मांगी हैं।

गठबंधन की जरूरत क्यों?

कांग्रेस के बसपा सहित अन्य दलों के साथ गठबंधन को लेकर राजनीति में कई प्रश्न खड़े होने लगे हैं। राजस्थान में जब सारा माहौल कांग्रेस के पक्ष दिख रहा है तो गठबंधन की आवश्यकता कहां से पड़ गई। साथ ही टिकट के दावेदारों में बेचैनी बढ़ गई है। कांग्रेस जिन सीटों पर गठबंधन करेगी, वहां से कांग्रेस के दावेदारों का टिकट कटना तय है। टिकट कटने की चिंता दावेदारों को सताने लगी है।

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