छत्तीसगढ़: इस क्षेत्र से कोई नहीं लड़ना चाहता चुनाव

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो गया है। पार्टियां अपनी जीत पक्की करने के लिए नई-नई रणनीति पर काम कर रही हैं। चुनाव में सबकी नज़र रायपुर की चार प्रमुख सीटों पर है। चारों सीटों में से एक पर भाजपा और दो पर कांग्रेस ने अब तक अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है। भाजपा ने रायपुर उत्तर से उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। वहीं कांग्रेस में उत्तर और दक्षिण से उम्मीदवारों के चयन को लेकर उलझी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर दक्षिण से कांग्रेस ने रूचिर गर्ग को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन रूचिर ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। इसके बाद अब कांग्रेस इस सीट पर किसी जिताऊ चेहरे की तलाश में है। रिपोर्ट के अनुसार, रूचिर गर्ग के चुनाव न लड़ने के फैसले पर रायपुर महापौर प्रमोद दुबे को दिल्ली बुलाया गया था। उन्हें रायपुर दक्षिण से पार्टी टिकट देना चाहती थी, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। दरअसल, रायपुर दक्षिण को भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां से भाजपा के दिग्गज नेता बृजमोहन अग्रवाल चुनाव जीतते आए हैं। बृजमोहन के खिलाफ कांग्रेस ने हर चुनाव में अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में उतारे, लेकिन हर बार कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

वहीं रायपुर उत्तर से भाजपा और कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। भाजपा के श्रीचंद सुंदरानी वर्तमान में इस सीट से विधायक हैं। इस सीट से भाजपा सुंदरानी की जगह किसी नए चेहरे की तलाश में है। रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व महापौर सुनील सोनी को भाजपा यहां से प्रत्याशी बनाने की तैयारी में है। वहीं संजय श्रीवास्तव और केदार गुप्ता का नाम भी आगे है।

उत्तर सीट से रायपुर महापौर प्रमोद दुबे के अलावा पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा और अजीत कुकरेजा को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। अगर प्रमोद दुबे रायपुर दक्षिण से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं, तो पार्टी जुनेजा को यहां से उम्मीदवार बना सकती है।

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