प्रदेश में संघ की पसंद से ही तय होंगे नाम

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प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा में तगड़ा मंथन जारी है| इस बार चुनाव में प्रत्याशियों का चयन केंद्रीय नेतृत्व करेगा, लेकिन इसमें पहली पसंद उन नामों की होगी, जिन्हें संघ द्वारा मान्य किया गया हो| प्रदेश में जीत की संभावनाओं को लेकर संघ ने अलग सर्वे शुरू कर दिया है| इस सर्वे में संघ के पदाधिकारी लोकप्रियता को आधार मानकर प्रदेश में जीतने वाले उम्मीदवारों की सूची तैयार कर रहे हैं|

संघ के इस सर्वे को आरएसएस के प्रचारक पूरा कर रहे हैं| सूत्रों के मुताबिक, मध्य क्षेत्र के मालवा, महाकौशल और मध्यभारत प्रांत के सभी विभाग प्रचारकों को उनके क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर संभावित प्रत्याशियों की तलाश की जिम्मेदारी दी गई है। विभिन्न जानकारियों के आधार पर यह सर्वे किया जा रहा है, जिसमें प्रत्याशियों को लेकर पहले आंतरिक मंथन किया जाएगा|

संघ और भाजपा के पिछले कुछ सर्वे, विधायकों की परफॉरमेंस रिपोर्ट के आधार पर हुए हैं| बताया जा रहा है कि जिन विधायकों का काम अच्छा नहीं रहा, उनका टिकट इस बार कट भी सकता है| इस बार होने वाले सर्वे में प्रचारक ऐसे नामों की सूची बना रहे हैं, जिनका काम जमीनी हो और जिन्होंने कभी टिकट की लालसा नहीं रखी हो| विभाग प्रचारक उनके क्षेत्र में रहने वाले संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर सूची तैयार करेंगे|

संघ के सर्वे को लेकर केंद्रीय नेतृत्व को मध्य भारत प्रांत के कुछ विभाग प्रचारकों ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। प्रदेश की दूसरी सीटों पर प्रत्याशियों की पेनल भी बनाई जा रही है| सभी सीटों पर प्रत्याशियों की पेनल बनने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को इसकी जानकारी दी जाएगी| इसके बाद चुनाव समिति और अन्य बड़े नेता प्रत्याशियों के नाम का चयन करेंगे|

बताया जा रहा है कि जिस तरह इस बार संघ पुराने 100 विधायकों का टिकट काट सकता है, उसी तरह 60 से अधिक सीटों पर नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है| ऐसे में इस बार विधानसभा चुनाव में संघ की पसंद के चेहरे भी देखने को मिल सकते हैं|

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