इस कारण राजस्थान में पिछला चुनाव हारी थी कांग्रेस

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राजस्थान चुनाव के लिए कांग्रेस-भाजपा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा का चेहरा जहां सीएम वसुंधराराजे हैं, वहीं कांग्रेस की तरफ से सचिन पायलट का नाम सबसे आगे है। पिछले चुनाव में कांग्रेस को कुछ गलतियों के कारण हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस की हार का सबसे बड़ा कारण बागी नेता थे। आगामी चुनाव में कांग्रेस टिकट वितरण पर खास ध्यान रखेगी ताकि फिर से बागी नेताओं के कारण सीधा फायदा भाजपा न उठा ले।

– टोंक से कांग्रेस ने 2013 विधानसभा चुनाव में जकिया को टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस के डीसीसी महामंत्री साउद सईदी चुनाव में बागी खड़े हो गए। जकिया चुनाव हार गए। बागी के कारण चुनाव में कांग्रेस की हार हुई ।

– देवली उनियारा सीट से कांग्रेस ने रामनारायण मीणा को टिकट दिया, लेकिन यहां से कांग्रेस के हरकचंद को राजपा ने टिकट दे दिया। रामनारायण मीणा हार गए।

– सांगरिया ने कांग्रेस ने तत्कालीन विधायक परम नवदीप का टिकट काटकर उनकी जगह शबनम गोदारा को टिकट दे दिया। इसका ब्लॉक अध्यक्षों और नगर अध्यक्ष ने काफी विरोध किया, जिसके कारण शबनम गोदारा हार गई।

– नोहरा सीट से पार्टी ने राजेंद्र चचाण को टिकट दिया, लेकिन पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य ने प्रत्याशी का विरोध किया। उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया और बाद में वापस लिया गया।

– भादरा विधानसभा सीट से कांग्रेस ने जयदीप डूडी को टिकट दिया, लेकिन यहां से नगरपालिका अध्यक्ष हाजी दाउद ने बागी के तौर पर चुनाव लड़ा और जयदीप चुनाव हार गए।

– गंगापुर सिटी से कांग्रेस के दो उम्मीदवार आमने -सामने थे। कांग्रेस के उम्मीदवार रामकेश मीणा के सामने बागी नेता दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने चुनाव लड़ा। रामकेश मीणा चुनाव हार गए।

– तारानगर सीट से कांग्रेस ने चंद्रशेखर वैद को टिकट दिया, उनके सामने कांग्रेस के बागी उमाशंकर शर्मा ने चुनाव लड़ा। चंद्रशेखर 10 हजार वोटों से चुनाव हार गए।

– बेगू विधानसभा से कांग्रेस ने राजेंद्र विधूडी को टिकट दिया गया तो कांग्रेस के ही जितेंद्रसिंह राठौर निर्दलीय खड़े हो गए। राजेंद्र विधूड़ी को हार का सामना करना पड़ा, यंहा भी कांग्रेस की हार हुई।

– नीम का थाना विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व विधायक रमेश खंडेलवाल को टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस के ही सुरेश मोदी निर्दलीय खड़े हो गए और 20 हजार वोटों से जीत गए।

– जहाजपुर सीट से रतनलाल ताम्बी ने कांग्रेस के बागी के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस के ही धीरज गुर्जर ने चुनाव जीता। यह एकमात्र सीट थी, जहां बागी का कोई असर नहीं हुआ।

– लूणी विधानसभा से कांग्रेस ने अमरी देवी को टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस के ही पूर्व मंत्री रहे राजेंद्र चौधरी खड़े हो गए। इस कारण अमरी देवी चुनाव हार गईं।

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