सीएम रमन के खिलाफ मोर्चा

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छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री रमनसिंह की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है।

छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सभी शासकीय विभागों में काम करने वाले अनियमित कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। दरअसल, कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सीएम को ज्ञापन दिया था, जिसमें कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बात से नाराज महासंघ ने हड़ताल शुरू कर दी है।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन सौंपने कलेक्टोरेट पहुंचे कर्मचारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले दैनिक वेतनभोगी, केंद्र या राज्य की योजनाओं में कार्यरत, कलेक्टर दर, मानदेय पर कार्यरत है। उनकी प्रमुख मांगों में प्रत्येक उन्हें सेवा से पृथक किए जाने का भय बना रहता है। ऐसे में भय समाप्त करते हुए उन्हें 62 वर्ष की आयु तक नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जाए। शासकीय सेवाओं सेवाओं में आउटसोर्सिंग या ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को शासकीय सेवा का दर्जा दिया जाए और समान कार्य समान वेतन लागू किया जाए।

कांग्रेस ने दिया साथ

अनियमित कर्मचारियों के इस प्रदर्शन का कांग्रेस ने खुलकर समर्थन दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता भी कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की मांग को सही ठहराया। उनका कहना था कि कर्मचारियों को शासन द्वारा नियमित करते हुए उनकी मांगों को पूरा करना चाहिए।

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