मप्र चुनाव : साधारण कार्यकर्ता बना भाजपा का योद्धा…

0

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो गया है। पार्टियों के नेता अपनी-अपनी पार्टी को जिताने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। कांग्रेस की ओर से जहां अहम जिम्मेदारी कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के कंधे पर है। वहीं भाजपा में दिग्गज नेताओं की लंबी फौज है। चुनाव के समय पार्टी के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं के पास भी हीरो बनने का मौका होता है। चुनाव परिणाम आने के बाद अच्छे-अच्छे दिग्गज नेता हीरो से जीरो बन जाते हैं।

ऐसे में भाजपा ने चौथी बार सरकार बनाने के लिए राकेशसिंह पर भरोसा जताया है। राकेशसिंह, जो भाजपा आलाकमान के सबसे करीबियों में से एक माने जाते हैं, जिनकी संगठन क्षमता का लोहा दिग्गज भी मानते हैं। राकेशसिंह को प्रदेश की राजनीति में तुरुप का इक्का कहा जाए तो गलत नहीं होगा। राकेश सिंह जबलपुर से तीन बार से लगातार सांसद चुने जा रहे हैं। उनकी गिनती भाजपा के मजबूत सिपाहियों में होती है। यही कारण है कि कई दिग्गज नेताओं को दरकिनार कर भाजपा के चाणक्य अमित शाह ने राकेशसिंह को आगे किया।

राकेशसिंह के राजनीतिक करियर पर नज़र

– 2004 में राकेशसिंह पहली बार जबलपुर से सांसद बने।

– तीन बार से लोकसभा चुनाव जीत रहे हैं।

– संसदीय समिति के कई प्रमुख पदों पर रहे।

– 2018 में मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बने।

कुछ वक्त पहले तक राकेशसिंह का नाम लोगों के लिए अनजाना था, लेकिन भाजपा के केंद्र में राकेश सिंह मशहूर चेहरा हैं, जो संसदीय कमेटी में कई प्रमुख पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में महाकौशल के इस कद्दावर नेता के कंधे पर एक तीर से कई लक्ष्य भेदने की जिम्मेदारी है। जहां उन्हें कांग्रेस को रोकना है, वहीं भाजपा को फिर सत्ता में लाना है।

मध्यप्रदेश के चुनाव में दलित ही नैया पार लगाएंगे

मध्यप्रदेश चुनाव : 12 लाख की नौकरी छोड़ मूक-बधिर देगा भाजपा-कांग्रेस को टक्कर

Share.