राजस्थान :  बागी शीला चंदन नहीं लड़ पाएंगी चुनाव

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राजस्थान विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। पार्टियों से टिकट नहीं मिलने पर कई नेता बागी बनकर मैदान में उतर गए परंतु उनमें से कई नेताओं को तब झटका लग गया, जब उनका नामांकन निरस्त हो गया। राज्य के करौली और हिण्डौन विधानसभा से 7 उम्मीदवारों के नामांकन जांच में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से निरस्त किए गए। भाजपा से बागी को निर्दलीय मैदान में उतरी शीला चंदन का भी नामांकन निरस्त हुआ है।

हालांकि 22 नवंबर को प्रत्याशियों द्वारा नामांकन लेने की अंतिम तिथि भी है। कई उम्मीदवार अपना नामांकन वापस भी ले सकते हैं। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र करौली से कमलेश देवी, नंदकिशोर और मानसिंह के नामांकन खारिज किए गए। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिण्डौन से महेंद्रसिंह कोली, रोशनलाल डोम, शीला चंदर और चरण सिंह जाटव का नामांकन खारिज किया गया।

भाजपा से ख़फा होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना चुकी शीला चंदन के पति मुकेश तिवारी ने कहा कि नामांकन के फॉर्म में कमी रह जाने के कारण फॉर्म निरस्त हो गया। हम एक आम मतदाता हैं। जो भी अच्छा उम्मीदवार होगा, उसका सहयोग किया जाएगा। भाजपा नेतृत्व या उम्मीदवार संपर्क करता है तो भाजपा का ही साथ देंगे।

वहीं टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से रमेश मीणा, कांग्रेस पार्टी से पीआर मीणा और कांग्रेस से बागी होकर बसपा प्रत्याशी शिवदयाल मीणा मैदान में हैं। इससे टोडाभीम विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है। जिले की सपोटरा विधानसभा सीट भी दिलचस्प हो गई है। भाजपा के किरोड़ीलाल मीणा की पत्नी राजगढ़ की विधायक गोलमा देवी हैं तो दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष और दो बार कांग्रेस से विधायक रमेश मीणा मैदान में है।

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