राजस्थान – भाजपा को जवाब देने बेरोजगारों की चाल…

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राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपना घोषणा-पत्र जारी कर दिया है। घोषणा-पत्र के बाद बेरोज़गारों में नाराज़गी और बढ़ गई है, जिसके बाद अब बेरोजगारों ने 83 पन्नों की दास्तां-ए-बेरोजगार पुस्तक जारी कर भाजपा को रोजगार के नाम पर किए गए वादों को याद दिलाने का प्रयास किया है।

भाजपा के संकल्प-पत्र से असंतुष्ट राज्य के बेरोजगारों ने भाजपा को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया है। बेरोजगारों ने बीते 5 वर्षों के संघर्ष को बयां करती 83 पन्नों की दास्तां-ए-बेरोजगार किताब लॉन्च कर डाली है।

भाजपा ने जारी किए अपने घोषणा-पत्र में एक बार फिर से शिक्षा, पानी, रोजगार को ही केन्द्रित किया। 2013 में भाजपा ने युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए रोजगार को एक बहुत बड़ा मुद्दा बनाया था। साथ ही बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा भी किया था।

2013 के घोषणा-पत्र में किए खास वादे

– प्रतियोगी परीक्षा के परीक्षार्थियों को निशुल्क यात्रा का वादा।

– पूरे प्रदेश के स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती।

– विद्यार्थी मित्रों को स्थायी करने का वादा।

– बेरोजगारों को 15 लाख नौकरियां देने का वादा।

2018 में भाजपा के किए वादे

– हर साल 30 हजार सरकारी नौकरी देने का वादा।

– आगामी 5 वर्षों में सरकारी और निजी क्षेत्रों में करीब 50 लाख रोजगार देने का वादा।

– बेरोजगारों को 5 हजार बेरोजगारी भत्ता देने का वादा।

– रियायती दरों पर स्वरोजगार के लिए भूमि ऋण का वादा।

इसके साथ ही भाजपा ने 2018 के घोषणा-पत्र में शामिल किए गए कुछ महत्वपूर्ण वादों पर बेरोजगारों में नाराज़गी है। बेरोजगारों के अनुसार, 5 सालों से बेरोजगार 2013 में किए गए वादों का पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने वादे पूरे नहीं किए। साथ ही अब बेरोजगारों को नए सपने दिखाए जा रहे हैं।

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