पीएम आवास ज्ञापन देने निकले जोगी

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पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक अजीत जोगी और उनके समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर धरना स्थल के समीप रोक लिया। पुलिस ने पीएम आवास की ओर पैदल मार्च कर बढ़ने की कोशिश करते पार्टी के 400 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने अजीत जोगी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को आगे जाने की अनुमति दी| इसके बाद अजीत जोगी, अमित जोगी, धर्मजीत सिंह, देवव्रत सिंह और अनिल टाह ज्ञापन सौंपने पीएम आवास पहुंचे।

गिरफ्तारी के बाद जोगी ने कहा कि उनके द्वारा मौन जुलूस निकालकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था, बावजूद इसके पुलिस ने उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की नीतियों एवं निर्णयों का छत्तीसगढ़ की जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

जोगी ने ज्ञापन के माध्यम से जिन सात सूत्रीय मांगों का उल्लेख किया, वे इस प्रकार हैं –

1) 2013 के वादे अनुसार के किसानों को 2100 रुपए समर्थन मूल्य और बकाया 3 साल का 300 बोनस दिया जाए। जब केंद्र सरकार महाराष्ट्र एवं उत्तरप्रदेश में ऋण माफी कर सकती है तो छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों।

2) छत्तीसगढ़ सरकार की आउटसोर्सिंग नीति पर तत्काल रोक लगाई जाए। स्थानीय भर्तियों में छत्तीसगढ़ के युवाओं को 90% आरक्षण मिले।

3) छत्तीसगढ़ के 40 हजार परिवारों एवं संरक्षित जनजातियों को नष्ट कर रहे पोलावरम बांध के कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।

4) नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण पर केंद्र सरकार रोक लगाए । निजीकरण का निर्णय बस्तर के लोगों के साथ धोखा है। बस्तरिया युवाओं को एनएमडीसी नगरनार संयंत्र में रोजगार में प्राथमिकता दी जाए।

5) महानदी, इंद्रावती और कनहर नदियों से संबंधित अंतरराज्यीय समझौतों में छत्तीसगढ़ के साथ हो रहे अहित को रोका जाए। इन नदियों के पानी का पहला अधिकार छत्तीसगढ़ के किसानों का है।

6) छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था उत्पादन आधारित है, जबकि जीएसटी केवल उपभोग पर देय है। इससे छत्तीसगढ़ को हो रहे सालाना 25 हजार करोड़ के नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार द्वारा की जाए।

7) सुदूर अंचल के लोगों के अस्तित्व पर मंडराते खतरे तथा नक्सल समस्या के विकराल रूप को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए ताकि छत्तीसगढ़ दूसरे विकसित राज्यों के समानांतर विकास कर सके।

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