भाजपा में कई नेता आमने -सामने

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मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा में भी गुटीय राजनीति का ज़ोर दिखाई देने लगा है| पार्टी के सांसद, मंत्री और विधायकों के साथ-साथ पार्टी पदाधिकारियों के बीच पटरी नहीं बैठ पा रही है| इसकी शुरुआत अलग -अलग इलाकों से हो भी गई है| प्रदेश की शिवराजसिंह सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है| गुटीय राजनीति के मामले में खंडवा के सांसद और पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान और महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस के अलावा भी अन्य नेता इन दिनों सुर्खियां बटोर रहे हैं|

अविश्वास प्रस्ताव से हुई शुरुआत

एमागिर पंचायत की आदिवासी सरपंच को हटाने के लिए मंत्री चिटनीस के समर्थकों ने अविश्वास लाया| हालांकि तब प्रभारी मंत्री पारस जैन ने फेयर वोटिंग कराई, लेकिन पार्टी हलकों में इसे लेकर चिंता बढ़ गई है, पार्टी इसे हलके अंदाज में नहीं ले रही है| इसके बाद सांसद समर्थक महापौर अनिल भोसले को एक कार्यक्रम में बोलने नहीं दिया गया और उनका अपमान हुआ| इस तरह की यह सभी घटनाएं गुटीय राजनीति को बढ़ावा दे रही है|

यहां भी गुटीय राजनीति हावी

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री और जबलपुर उत्तर से विधायक शरद जैन का भी विरोध शुरू किया जा रहा है| यहां भाजपा के ही नेता अपने ही मंत्री की बैठकों का बहिष्कार करने के समाचार आ रहे हैं| बात यहीं तक नहीं है, कार्यक्रम में स्थानीय नेता मंत्री जैन से बहस भी कर चुके हैं|

चल रहा है आरोप-प्रत्यारोप का दौर

प्रदेश में अन्य मंत्रियों में भी आरोप-प्रत्यारोप के दौर जगजाहिर हो चुके हैं| इसी कड़ी में खाद्य मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते के नाम शामिल हैं| इनके लावा वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार और पूर्व मंत्री व विधायक सरताजसिंह के बीच की टकराहट भी पार्टी के लिए आने वाले दिनों में परेशानी का कारण बनकर उभरेगी | मंत्री रामपाल सिंह का इलाके में विरोध बढ़ गया है|

इसी कड़ी में अन्य नाम भी हैं शामिल

इसी कड़ी में अन्य नाम भी शामिल है, जिसमें खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ला और पूर्व विधायक अभय मिश्रा के बीच चल अदावत चल रही है| मिश्रा की पत्नी  भाजपा विधायक नीलम मिश्रा शुक्ला पर एक बार नहीं कई बार खुलकर आरोप लगा चुकी हैं| इधर, ऊर्जा मंत्री पारस जैन और विधायक मोहन यादव के बीच भी मनमुटाव की खबरे कम होने का नाम नहीं ले रही हैं | राज्यमंत्री संजय पाठक का समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष पद्मा शुक्ला से विवाद गहरा गया है| इसी तरह  पीएचई मंत्री कुसुम मेहदेले और स्थानीय नेताओं की पटरी नहीं बैठ रही है |

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