मप्र चुनाव : सिंगरौली जिले में त्रिकोणीय मुकाबला

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सिंगरौली जिले की चितरंगी विधानसभा सीट पर भाजपा-कांग्रेस के बीच बसपा विलेन बन रही है, जो खेल बिगाड़ सकती है। दरअसल, चितंरगी विधानसभा सीट पर चुनाव की घड़ी नज़दीक आते-आते मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। इस सीट पर पहले से कांग्रेस का कब्जा है, अब भाजपा इसे हथियाने में लगी हुई है। इस बार यहां से भाजपा, कांग्रेस और बसपा के बीच कांटे का मुकाबला है। कांग्रेस अपनी पुरानी सीट बचाने की कोशिश में है तो भाजपा सीट पर कब्जा करने के लिए मेहनत कर रही है। वहीं बसपा आदिवासी बाहुल्य सीट होने के कारण जातिवादी समीकरणों को लेकर चुनावी फायदे का मौका देख रही है।

इस सीट पर भाजपा, कांग्रेस, बसपा के साथ आप भी पीछे नहीं है। आप भी सबकी उम्मीदों पर झाडू लगाने को तैयार है। इस सीट पर कांग्रेस से वर्तमान विधायक सरस्वतीसिंह मैदान में हैं तो भाजपा ने अमरसिंह को मैदान में उतारा है। बसपा भी जातिवाद समीकरणों और एंटी इनकंबेंसी का फायदा लेने की कोशिश में है। इसलिए बसपा ने अशोकसिंह पैगाम को प्रत्याशी बनाया है, जबकि आप ने अवधेश पर दांव लगाया है।

चितरंगी विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में कांग्रेस के सरस्वती सिंह ने भाजपा के स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह को करीब 9000 वोटों से हराया था। जगन्नाथसिंह को कुल 39000 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सरस्वती सिंह को कुल 48000 वोट मिले थे। चितरंगी सीट पर जातिगत समीकरण के हिसाब से हार-जीत तय होती है। यहां ब्राह्मण, ठाकुर, बैगा, कोल, हरिजन जाति के अधिक हैं। यही वोटर हार-जीत का फैसला करते हैं।

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