मप्र चुनाव से पहले मुस्लिम सियासत तेज

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मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले जहां कांग्रेस-बसपा में गठबंधन की चिंगारी आग पकड़ रही है वहीं दूसरी तरफ भाजपा फिर से अपने विजयी रथ को बरकरार रखने के लिए तैयारी कर रही है। इस बीच चुनाव से पहले मुस्लिम सियासत की तेज़ हो गई है।

मुस्लिम वर्ग ने पार्टियों के लिए नए सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल ने राजनीतिक पार्टियों से टिकट की मांग की है। काउंसिल ने 60 हजार से अधिक मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में मुस्लिमों के लिए टिकट की मांग की है।

दरअसल, भोपाल स्थित गांधी भवन में ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान मुसलमानों के सूरत-ए-हाल और मुस्लिम नौजवानों में आई बुरी आदतों को लेकर भी चर्चा हुई।

बैठक के दौरान काउंसिल के सेक्रेटरी अशरफ खान ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुसलमान उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मुस्लिम उम्मीदवार को राजनीतिक पार्टियां अपने हिसाब से चुने, लेकिन उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए, जो चुनाव जीतने लायक हो केवल पार्टी में भर्ती करने के लायक न हो।

उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का मतलब यह नहीं कि हम अपने लोगों को पार्टी में भर्ती करवाना चाहते हैं, बल्कि हम सभी राजनीतिक पार्टियों से मुस्लिम कैंडिडेट को टिकट दिए जाने की मांग कर रहे हैं, जो सभी राजनीतिक पार्टियों को मानना होगा। काफी लंबे वक्त से मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में भी मुस्लिम कैंडिडेट को नजरअंदाज़ किया जा रहा है, लेकिन अब यह नहीं चलेगा।

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