राजस्थान चुनाव: गठबंधन कर ज़मीन तलाशते छोटे दल…

0

राजस्थान विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान हो चुका है। पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है, लेकिन कई छोटे-छोटे दल प्रदेश में सीटों को लेकर मनोकामना कर रहे हैं। छोटे दलों की प्रदेश में जड़ें गहरी नहीं हैं, लेकिन ये दल दूसरे सूबों में सक्रिय है। ये कांग्रेस और भाजपा से जुड़े होने के कारण राजस्थान में कुछ सीटों पर तालमेल कर अपने वजूद बनाने में जुटे हुए हैं।

देखा जाए तो देश की राजनीति में भाजपा का गठबंधन और कांग्रेस का गठबंधन सक्रिय है। छोटे दल इनका दामन थामकर विधानसभा में दस्तक देने का सपना देख रहे हैं। हालांकि यह सच है कि बड़े दलों से तालमेल करने मात्र से ही विधानसभा में नहीं पहुंच सकते। इसके लिए कड़े संघर्ष की ज़रूरत होगी।

दो मोर्चे जल्द लेंगे आकार

राजस्थान लोकतांत्रिक मोर्चा, विधायक घनश्याम तिवाड़ी और हनुमान बेनीवाल प्रदेश में एक मोर्चा बनाने में जुटे हैं। दरअसल, राजस्थान लोकतांत्रिक मोर्चा में माकपा, भाकपा, जनता दल धर्मनिरपेक्ष, राष्ट्रीय लोकदल सहित अन्य दल शामिल हैं।

कांग्रेस को फायदा

जनता दल लोकतांत्रिक के संरक्षक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने हाल ही में कहा कि राजस्थान में कांग्रेस ड्राइविंग सीट पर हैं, ऐसे में हमारी पार्टी भी कुछ सीटों पर लड़ने की इच्छुक है ताकि भाजपा को हराया जा सके। वहीं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस से 8 सीटों की मांग की है।

भाजपा पर नज़र

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन में शामिल रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया, लोक जनशक्ति पार्टी, जनता दल यू सहित अन्य दल भाजपा से सीटों की उम्मीद लगाए बैठे हैं। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया भाजपा से कुछ सीटें चाहती हैं। अठावले ने जयपुर के एक कार्यक्रम में साफ कहा था कि, भाजपा हमें सीटें देगी तो हम भाजपा को समर्थन देंगे, नहीं देंगी तो फिर भी हम 200 सीटों पर उतरेंगे।

Share.