मदनलाल सैनी को राजस्थान भाजपा की कमान

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राजस्थान में अपने प्रदेश अध्यक्ष की तलाश भाजपा ने पूरी कर ली है। अब राजस्थान में विधानसभा चुनाव मदनलाल सैनी की अगुवाई में लड़ा जाएगा। भाजपा ने ओबीसी समुदाय की नाराज़गी दूर करने के साथ ही कांग्रेस के परंपरागत वोटों में सेंध लगाने की पूरी कोशिश की है। दरअसल, राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत उसी माली समुदाय से आते हैं, जिससे मदनलाल सैनी आते हैं। अब तक गहलोत की वजह से माली समुदाय कांग्रेस को वोट देता रहा है।

सैनी की घोषणा के बाद भाजपा मुख्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। भाजपा नेताओं ने सैनी की नियुक्ति को आम कार्यकर्ता का सम्मान बताया है। वहीं विधायक अशोक परनामी और मंत्री जसवंत यादव ने कहा कि पार्टी मदनलाल सैनी जैसे जमीन से जुड़े वरिष्ठ नेता के मार्गदर्शन में अब अगला विधानसभा चुनाव फतह करेगी।

जीत की हुंकार

प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालते ही सैनी ने कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे वे पूरे कर्तव्य से निभाएंगे और चुनाव में 180 सीटें जीतने का लक्ष्य पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम निश्चित ही विधानसभा और लोकसभा चुनाव जीतेंगे।

कांग्रेस का तंज

भाजपा को आखिर प्रदेश अध्यक्ष मिल गया, लेकिन अब कांग्रेस मदनलाल सैनी की योग्यता और उनकी कार्यशैली पर ही सवाल खड़े कर रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा ने मदनलाल सैनी को अध्यक्ष बनाकर यह साबित कर दिया कि अध्यक्ष कार्यशैली, उपलब्धि या फिर वरिष्ठता को ध्यान में रखकर नहीं बनाया बल्कि उनकी जाति देखकर बनाया गया है। इतने दिनों में हर कोई भाजपा की एक बात समझ गया है कि भाजपा में अध्यक्ष केवल उसकी जाति देखकर ही बनाया गया है।

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