वर्किंग कमेटी से बने नए समीकरण

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मध्यप्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह अभी तय नहीं किया जा सकता है| हां, इसे लेकर कयास जरूर लगाए जा सकते हैं | मौजूदा समय में मुख्यमंत्री के नाम और चेहरे को लेकर केवल कांग्रेस पार्टी ही नहीं बल्कि भाजपा में भी खलबली मची हुई है| भाजपाई हलकों में चल रही राजनीतिक रस्साकशी पर कान लगाएं तो यही बात निकलकर सामने आती है| यदि विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा वापसी करती है तो यह तय नहीं है कि मौजूदा चेहरे को ही पुनः सत्ता सौंपी जाएंगी| इधर, कांग्रेस में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर धुंध छंटती नज़र आ रही है|

बने नए समीकरण

अखिल भारतीय कांग्रेस की वर्किंग कमेटी में कुछ नामों को जोड़ने और कुछ नेताओं के नामों को छोड़ने से पार्टी के भीतर नए समीकरण बने हैं| कहा जा रहा है कुछ नेताओं के समीकरण बने हैं तो कुछ के बिगड़ भी गए हैं| जिस तरह से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का नाम अखिल भारतीय कांग्रेस की वर्किंग कमेटी में नहीं रखा गया है, इसका मतलब यह है कि कांग्रेस ने अघोषित रूप से उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बना दिया है|

नाथ को मिलेगा दिग्विजय का साथ

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह को भी वर्किंग कमेटी में स्थान नहीं दिया गया है| कहा जा रहा है कि वे कमलनाथ के अभियान में साथ देंगे जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया को वर्किंग कमेटी में रखा गया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि सिंधिया टीम राहुल गांधी का अहम् किरदार है और आम चुनाव में सिंधिया के भरोसे ही पार्टी आगे बढ़ती दिखाई देगी|

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