इंदौर भाजपा में बदलेंगे समीकरण

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प्रदेश में विधानसभा चुनाव नज़दीक होने से भाजपा को भी यह लगने लगा है कि कांग्रेस संगठन की एकजुटता उनके लिए परेशानी का सबब बन सकती है| इस कारण भाजपा के बड़े नेता भी अब कांग्रेस से निपटने की तैयारियों में जुट गए हैं| ऐसे में प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवारों के मुकाबले मजबूत दावेदारों को ही उतारने की योजना बना रही है| यदि ऐसा होता है तो भाजपा के कई जमे जमाए नेताओं के टिकट भी इस बार कट सकते हैं|

भाजपा का अनुमान है कि इंदौर में यदि इस बार हवा बदलती है तो कम से कम 6 सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है| ऐसे में कई विधायकों को संगठन इस बार टिकट नहीं देने के मूड में है| यदि ऐसा होता है तो इंदौर की कई विधानसभाओं में चेहरे बदले नज़र आएंगे|

संगठन का मानना है कि भाजपा के खिलाफ पैदा हुए माहौल को बदलने के लिए बदलाव जरूरी है, लेकिन इसके लिए चयन आलाकमान ही करेगा| वहीं जीत का अंतर जिन सीटों पर कम नज़र आ रहा है, वहां अंतिम समय में कई दूसरे चेहरों को उतारने से क्षेत्र की जनता प्रतिनिधि की अपेक्षा कमल के निशान पर भरोसा जता सकती है|

इंदौर में जिन चेहरों को बदला जा सकता है, उनमें इंदौर क्षेत्र क्रमांक 3 से उषा ठाकुर, क्षेत्र क्रमांक 5 से महेंद्र हार्डिया, देपालपुर से मनोज पटेल, सांवेर से राजेश सोनकर शामिल हैं| वहीं राऊ से जीतू पटवारी के खिलाफ जीतू जिराती की जगह कोई तगड़ा चेहरा उतारा जाएगा| ऐसे में देखना होगा कि जीत का दम दिखा रही भाजपा को इस बदलाव का कितना फायदा मिलता है|

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