मध्यप्रदेश में शिवसेना ने भी ठोकी ताल

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मध्यप्रदेश चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे अन्य प्रांतों की पार्टियां भी यहां दमखम दिखाते हुए ताल ठोकने लगी हैं। सपा, बसपा और आप के बाद अब शिवसेना भी मध्यप्रदेश में 230 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली है।

प्रदेश के इंदौर में शिवसेना का प्रादेशिक सम्मेलन संतोष सभागृह रानीसती गेट पर हुआ। इसमें मुंबई से शिवसेना के राष्ट्रीय संगठक गुलाबचंद दुबे, प्रदेश महासचिव सुरेश गुर्जर सहित कई शिवसैनिक शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान महासचिव सुरेश गुर्जर ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 230 सीटों पर शिवसैनिक चुनाव लड़ेंगे।

‘आप’ भी मैदान में

प्रदेश चुनाव में आम आदमी पार्टी भी अपनी ज़मीन तलाशने के लिए चुनावी मैदान में उतरेगी। आप ने अपने 20 प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल 15 जुलाई को इंदौर आएंगे और प्रदेश में चुनावी शंखनाद कर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साहवर्धन करेंगे।

आपसी गठबंधन में फंसा पेंच

कांग्रेस-बसपा के गठबंधन वाले मामले पर विराम लगाते हुए बसपा ने भी निर्णय ले लिया कि वह प्रदेश में पूरी 230 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को उतारेगी। बता दें कि पिछली बार 2013 चुनाव में बसपा ने 4 सीटें जीती थीं, वहीं 2008 में 7 सीटों पर कब्जा किया था। बसपा की ग्वालियर, भिंड और मुरैना क्षेत्र में काफी सक्रियता है। प्रदेश में अनुसूचित जाति के लिए 35 सीटें आरक्षित हैं, जिनमें से 29 सीटों पर अभी भाजपा काबिज़ है। यदि कांग्रेस-बसपा का गठबंधन होता है तो कांग्रेस दलित वोटों को अपने पक्ष में हासिल कर भाजपा को हराने के लिए एक और हथियार हासिल कर लेगी।

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