इस किसान से सब हैरान

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पूरी दुनिया में भारत की राजनीति ही ऐसी है, जहां कुछ भी हो सकता है। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद एक ऐसा नतीजा सामने आया, जिससे भाजपा और कांग्रेस के अलावा सभी दल हक्के-बक्के रह गए। भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां किसान को अन्नदाता कहा जाता है। किसान खेतों में खून-पसीना बहाता है, तब जाकर लोगों को पेट भरने के लिए अनाज मिलता है। किसानों की हालत सुधारने के लिए सभी राजनीतिक दल कई दावे करते हैं, लेकिन फिर भी अन्नदाता की स्थिति जस की तस है। जहां हर साल कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं वहीं ऐसे में किसी अन्नदाता का राजनीति में कदम रखना अपने आप में किसी अजूबे से कम नहीं है। राजस्थान के श्रीडूंगरपुर से एक गरीब किसान गिरधारीलाल माहिया ने सिर्फ चुनाव ही नहीं लड़ा बल्कि भारी मतों से जीत भी हासिल की।

गौरतलब है कि चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी पानी की तरह पैसा बहाते हैं, लेकिन श्रीडूंगरपुर के इस किसान के पास एक नया रुपया भी नहीं था। गिरधारीलाल माहिया ने लोगों से चंदा लेकर चुनाव लड़ा। इस विधानसभा चुनाव में गिरधारीलाल माहिया ने सीपीएम के टिकट पर चुनाव लड़ा और सभी दलों को धूल चटाते हुए भारी जीत भी हासिल की। लोगों ने अपना स्नेह और आशीर्वाद गिरधारीलाल को देकर जीत दिलाई है। गिरधारीलाल ने लगभग 24000 वोटों से जीत हसिल की है।

किसानों के हक़ की लड़ाई लड़ने वाले गिरधारीलाल 35 सालों से इस लड़ाई को जारी रखे हैं। उन्होंने कई लोगों से कर्ज ले रखा है और लोगों की अपील पर वे चुनावी मैदान में उतरे थे। पहले तो उन्होंने और उनके परिवार ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया, लेकिन लोगों की काफी समझाइश के बाद वे मैदान में उतरे। लोगों ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए चंदा भी दिया। जीत हासिल करने के बाद गिरधारीलाल ने कहा, “यह जनता का चुनाव था और जनता संघर्ष कर रही थी। भाजपा और कांग्रेस ने अपने संसाधनों का उपयोग किया और इसके साथ ही पैसा भी खर्च किया परंतु जनता के समर्थन और प्यार में मैंने यह चुनाव जीता। एक तरफ पैसा था और दूसरी तरफ जनता का प्यार। यह ऐतिहासिक चुनाव था, जिसमें जनता चुनाव लड़ रही थी।“

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