पूर्व मंत्री पुष्पराजसिंह की कांग्रेस में वापसी

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए दलों ने अपनी कमर कस ली है। टिकट दावेदारों ने भी अपनी शक्ति दिखाना शुरू कर दिया है। इधर, पार्टियां भी चुनाव से पहले रुठों को मनाने में जुटी हुई है। खासतौर पर कांग्रेस ने यह कवायद तेज़ी से की है, जो नेता या मंत्री पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टियों में चले गए या निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस उन्हें पार्टी में जोड़ने में जुट गई है। इस बीच कांग्रेस से नाराज़ चल रहे पूर्व मंत्री महाराजा पुष्पराजसिंह ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।

महाराजा पुष्पराजसिंह ने राहुल गांधी के हाथों सदस्यता ग्रहण की। कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और अजय सिंह भी इस दौरान वहां मौजूद रहे। पुष्पराज सिंह महाराजा मार्तंड के बेटे हैं और वर्तमान में सिरमौर से भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह के पिता है।

बता दें कि पुष्पराज सिंह 2008 से कांग्रेस से नाराज़ चल रहे थे। 2008 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गए। साल 2013 में पुष्पराज ने कांग्रेस ने सेमरिया सीट पर टिकट मांगा था। उस वक्त कांग्रेस ने उन्हें रीवा से विधानसभा टिकट देने का आश्वासन दिया, लेकिन टिकट नहीं दी, जिसके बाद से वो लगातार कांग्रेस से नाराज़ चल रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुष्पराज भाजपा के टिकट से अजयसिंह के सामने चुरहट से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही कांग्रेस ने उन्हें मनाकर पार्टी में शामिल कर लिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ कि वे कहां से और कौन सा चुनाव लड़ेंगे। इधर महाराजा पुष्पराजसिंह के कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा को झटका लगा है। क्योंकि भाजपा पुष्पराज को चुरहट से टिकट देकर अजय सिंह के लड़वाना चाहती थी।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय मध्यप्रदेश दौरे पर है। राहुल विंध्य क्षेत्र में सभाएं और रोड शो कर रहे हैं। वहीं अगले महीनें पांच और छह अक्टूबर को राहुल गांधी जबलपुर और ग्वालियर के दौरे में रहेंगे।

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