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वोटर को बूथ तक लाने के लिए भाजपा की रणनीति

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राजस्थान में शुक्रवार को हो रहे मतदान के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा की कोशिश है कि पार्टी ने जितनी ताकत पूरे चुनाव प्रचार में लगाई है, उससे कहीं ज्यादा ताकत वोटरों को मतदान केंद्र तक लाने में लगानी होगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसका रोड मैप पहले से ही तैयार किया है।

योजना के मुताबिक, भाजपा ने हर विधानसभा में बूथ प्रबंधकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप में पार्टी के उम्मीदवार, विधानसभा के प्रमुख नेता और मंडल अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख भी होंगे।

हर घंटे लेंगे अपडेट

सभी बूथ इंचार्ज हर एक घंटे में व्हाट्सएप ग्रुप पर अपडेट देंगे कि उनके बूथ पर किसी खास गांव, कस्बे या फिर मोहल्ले के कितने वोट डाले जा चुके हैं फिर पन्ना प्रमुख इस अपडेट के अनुसार अपने-अपने पन्ने के हिसाब से जिन वोटरों ने मतदान नहीं किया है, उन्हें मतदान केंद्र लेकर जाएंगे।

सभी पन्ना प्रमुखों ने अपने पेज के सभी वोटरों से सम्पर्क करना शुरू कर दिया है। ये पन्ना प्रमुख उनसे सुबह 10 बजे तक मतदान करने की अपील करेंगे। यदि कोई वोटर बाहर गया हुआ है तो उससे भी फोन पर सम्पर्क किया जाएगा और दोपहर 12 बजे से पहले पहुंचकर मतदान करने की अपील की जाएगी।

वोटिंग वाली सेल्फी

सूत्रों की माने तो सभी पन्ना प्रमुखों ने अपने-अपने अंदर आने वाले सभी वोटरों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। सभी वोटर मतदान के बाद मतदान का निशान दिखाते हुए अपनी सेल्फी व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर करेंगे ताकि इससे ये साबित हो सके कि उन्होंने वोट डाल दिया है। इसके बाद पन्ना प्रमुख वोट करने वाले मतदाताओं की जानकारी बूथ इंचार्ज के साथ शेयर करेंगे।  इसके बाद इस जानकारी की जांच की जाएगी। इस तरह सभी पन्ना प्रमुख की व्हाट्सएप ग्रुप पर दी गई डिटेल को चेक करने के बाद हर एक घंटे के फासले पर विधानसभा के उम्मीदवार और मंडल अध्यक्षों के साथ मतदान की प्रगति की जानकारी को शेयर करेगा।

भाजपा ने राजस्थान में केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं के 1 करोड़ 70 लाख लाभार्थियों की डिटेल विधानसभा के मंडल स्तर पर अपने नेताओं को दी है। जिन लाभार्थियों के पास स्मार्टफोन हैं, उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए गए हैं। इन सभी लाभार्थियों को शुक्रवार को सबसे पहले मतदान करने के लिए संदेश भेजे जा रहे हैं।

माना जाता है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इसी माइक्रो मैनेजमेंट की वजह से पिछले चार सालों में एक के बाद एक कई राज्यों में सरकारें बनवाई हैं।अब देखना है कि एक-एक वोटर को ध्यान में रखकर बनाई गई अमित शाह की चुनावी रणनीति क्या एक बार फिर राजस्थान में बीजेपी को सत्ता तक पहुंचाएगी।

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