विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए इंतज़ार !

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पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले ही कई कयास लगाए जा रहे हैं| सभी पार्टियां  अपनी सरकार बनाने के कयास लगा रही हैं| इस बार चुनाव परिणाम के लिए सभी पार्टियों को लंबा इंतज़ार करना होगा| दरअसल, इस बार गणना नए तरीके से की जाएगी, जिसके कारण परिणाम दिन में नहीं बल्कि देर रात तक जारी किए जाएंगे| यह नई प्रक्रिया केवल एक राज्य में नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में भी अपनाई जाएगी| विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए लोगों को खासा इन्तज़ार करना पड़ेगा|

आइये जानते हैं कैसे होगी परिणामों की गिनती

9 बजे के बाद खुलेगी ईवीएम

विधानसभा चुनाव परिणाम वाले दिन यानी मंगलवार को सबसे पहले सुबह आठ बजे डाक मत-पत्र और सेवा मतों की गणना होगी, जिसके लिए विधानसभावार टेबल लगाए जाएंगे| यहां एक टेबल पर केवल 5 सौ मतों की गिनती की जाएगी| जब गिनती पूरी हो जाएगी, उसके बाद नौ बजे ईवीएम की गणना शुरू होगी, जिसमें लगभग आधे घंटे का समय लगेगा| ईवीएम की गणना के एआरओ और फिर आरओ से मिलान होने के बाद उसे टेबुलेशन के लिए भेजा जाएगा। टेबुलेशन हो जाने के बाद आरओ फिर इसका मिलान करेंगे। इसके बाद ऑब्जर्वर मिलान करेंगे। इस सब में 15 से 20 मिनट लग सकते हैं| इसके बाद ही परिणामों की घोषणा की जाएगी| दरअसल, हर राउंड की गणना और फिर उसके परिणाम की घोषणा में आधा से पौन घंटा लग सकता है| ऐसे में समझा जा सकता है कि पूरी गणना में दस घंटे से ज्यादा का समय लगेगा|

हर राउंड की घोषणा को मतगणना कक्ष के डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा और इसकी माइक से घोषणा भी की जाएगी|  राउंडवार यह रिजल्ट शीट राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी दी जाएगी| इतना ही नहीं राउंडवार यह जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा आयोग के काउंटिंग सॉफ्टवेयर पर भी लोड की जाएगी|

चुनाव आयोग के सख्त निर्देश

विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए चुनाव आयोग द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अगले राउंड की गिनती तब तक शुरू नहीं की जाएगी, जब तक कि पहले राउंड की मतगणना की गिनती समाप्त होकर उसका परिणाम डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित न कर दिया जाए| दरअसल, कांग्रेस ने हर राउंड के बाद उम्मीदवार को सर्टिफिकेट दिए जाने की मांग केंद्रीय निर्वाचन आयोग से की थी| इसके बाद आयोग ने मतगणना के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया स्पष्ट की है| इस बारे में मध्यप्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप यादव ने बताया कि टेबुलेशन शीट पहले दी जाती थी|

क्यों हो रहा इस बार बदलाव

विधानसभा चुनाव परिणाम की गणना के लिए इस बार नई योजना अपनाई जा रही है| अभी तक चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को मांगने पर ही रिटर्निंग आफिसर द्वारा राउंडवार टेबुलेशन शीट दी जाती थी| राउंडवार टेबुलेशन शीट देने के बजाय रिटर्निंग आफिसर राउंडवार उम्मीदवार को मिले वोटों की गिनती की माइक से घोषणा कर देते थे| टेबुलेशन शीट नहीं मिलने के कारण यह कहा जा रहा था कि ऐसे में मतगणना में गड़बड़ी हो सकती है| वहीं यदि किसी उम्मीदवार को मतगणना में गड़बड़ी होने के दौरान कोई शिकायत करनी होती थी तो उसके पास कोई लिखित परिणाम नहीं होता था इसलिए अब चुनाव आयोग ने यह बदलाव किया है|

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