विधानसभा सत्र  : सदन में उठी शराबबंदी की मांग

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छत्तीसगढ़ की मौजूदा सरकार में विधानसभा का अंतिम मानसून सत्र चल रहा है। सत्र के तीसरे दिन शराबबंदी का मामला गूंजा। प्रश्नकाल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सवाल किया कि सरकार प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी कब कर रही है। इसके जवाब में मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि यह पूर्ण परीक्षण का विषय है और इस संबंध में अध्ययन दल बना है। अध्ययन दल के परीक्षण के बाद सरकार उचित निर्णय लेगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन का बहिष्कार कर दिया।

वहीं सदन में नक्सल हिंसा का मामला भी उठा। प्रदेश में नक्सल हिंसा को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस विधायक बृहस्पतिसिंह ने गृहमंत्री रामसेवक पैकरा से पूछा कि कोई ऐसा महीना है, जिसमें नक्सल हिंसा न हुई हो। इस सवाल पर गृहमंत्री पैकरा जवाब नहीं दे सके। इसके साथ ही सदन में नक्सल प्रभावित जिलों का मामला भी उठा। कांग्रेस की विधायक देवकी कर्मा ने नक्सल प्रभावित जिलों की जानकारी मांगी। देवकी कर्मा के सवाल पर गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में कमी आई है।

इसके अलावा गोबरा नवापारा नगर पालिका में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का मामला भी सदन में उठा। कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने मामले को उठाया। इसके जवाब में मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि पट्टे का सत्यापन करवाया जा रहा है। किसी को ठेकेदारी नहीं दी जा रही है। इस मामले में लापरवाही को लेकर सीएमओ और सब इंजीनियर को निलंबित किया जा चुका है।

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