नोटिस के बाद जोशी का पलटवार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उमा भारती पर विवादित टिप्पणी करने पर चारों तरफ से घिरे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी को चुनाव आयोग ने नोटिस थमा दिया था। नोटिस के जवाब में डॉ. सीपी जोशी ने कहा है कि उन्हें अपने बयान पर खेद है और उन्हें जो बात कहनी थी, वह उन्होंने ट्विटर पर कह दी है। इसके बाद जोशी ने कहा कि बीजेपी को मुद्दा जिंदा रखना है। उनके राजनीतिक उद्देश्य हैं। लोकतंत्र में जनमत का आदर करना चाहिए और जनमत का आदर करने की जिम्मेदारी सबकी बनती है।

वहीं जोशी से जब राजस्थान में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सवाल किया गया, तब इसके जवाब में जोशी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की परंपरा है कि वह पहले चुनाव लड़ती है और फिर अपने विधायकों से विचार-विमर्श कर सभी की पसंद से मुख्यमंत्री का फैसला करती है। यह फैसला आलाकमान के हाथ में होता है।’ कांग्रेस की ही तर्ज पर इस बार भारतीय जनता पार्टी ने भी कई जगह मुख्यमंत्री के चेहरे उजागर नहीं किए हैं।

गौरतलब है कि डॉ. सीपी जोशी ने प्रधानमंत्री मोदी और उमा भारती के बारे में कहा था कि उनकी जाति क्या है? उनके इस बयान से सियासत में जुबानी जंग छिड़ गई। इसके बाद जोशी को चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस भी थमा दिया गया और उनसे 25 नवंबर तक जवाब मांगा गया है। जोशी ने कहा है कि वे पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निभाने की कोशिश कर रहे हैं। आगे जोशी ने कहा कि राजस्थान में परिवर्तन की बयार बह रही है और यहां परिवर्तन ज़रूर होगा।

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