राजस्थान : दो बार हारे हुए दावेदारों का टिकट काटेगी कांग्रेस

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राजस्थान विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो गया है। अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने नए-नए फॉर्मूले बनाए हैं। कांग्रेस ने टिकट को लेकर भी एक फॉर्मूला बनाया है। जिस कारण चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले कई उम्मीदवारों की सांसे अटक गई है। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी ने लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं देने का फैसला किया है।

दिल्ली में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके लागू होते ही कई कांग्रेस नेता टिकट दावेदारी के दौड़ से बाहर हो जाएंगे। इस फॉर्मूले के तहत कांग्रेस के दो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी चुनावी रेस से बाहर हो गए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने वाले उम्मीदवार, 70 साल से ज्यादा आयु वाले नेता, सांसद का चुनाव लड़ चुके नेता और पिछला चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने पर चर्चा हुई। बैठक में लगातार दो बार से हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिए जाने पर सहमति बनी है जबकि दूसरे मापदंडों पर सहमति नहीं बन पाई। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी ने राजस्थान के लिए 175 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है। कांग्रेस 52 नेताओं को पहले ही टिकट देने का इशारा कर चुकी है।

ये होंगे रेस से बाहर

टिकट वितरण पर कांग्रेस नए मापदंड को पूरी तरह से लागू कर देगी तो कई पूर्व सांसदों का विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना टूट जाएगा। फैसले से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.गिरिजा व्यास, पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.सीपी जोशी, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, पूर्व सांसद महेश जोशी और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हरीश चौधरी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

टूटेगा सपना

दो बार चुनाव हारने वाले नेताओं में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व चेयरमैन ममता शर्मा, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान, नरेंद्र शर्मा,बनवारी लाल शर्मा जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं।

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