website counter widget

यह कांग्रेस का टिकट बांटने का फॉर्मूला…

0

मध्यप्रदेश में भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस सारे हथकड़े अपना रही है। कांग्रेस नई-नई रणनीति पर काम कर रही है। कांग्रेस ने इस बार टिकट वितरण के लिए भी नए प्रयोग करने का विचार किया है। कांग्रेस के इस नए प्रयोग का नाम है ‘दस का दम।’

कांग्रेस अब मध्यप्रदेश में अपने दावेदारों का दस का दम देखेगी। पार्टी ने विधानसभा टिकट के लिए फॉर्मूला तय कर लिया है। दस का दम दिखाने वाले को ही पार्टी टिकट देगी। प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने के बाद कमलनाथ ने साफ कह दिया था, जो उम्मीदवार जिताऊ होगा, उसे ही टिकट दिया जाएगा। टिकट वितरण से पहले हाईकमान भी अब दावेदारों के लिए यही प्रयोग करेगी। यानी टिकट हासिल करने से पहले, दस का दम दिखाना होगा।

क्या है दस का दम

विधानसभा चुनाव 2008 और 2013 में हारने वाले उम्मीदवारों को पार्टी टिकट नहीं देगी। वहीं 2013 में 20 हजार से ज्यादा मतों से हारने वाले प्रत्याशी को भी टिकट नहीं मिलेगा। अगर एक ही परिवार से दो अलग-अलग सदस्यों को अवसर मिला है और वो पराजित हुए हैं, तो उन्हें भी अब मौका नहीं दिया जाएगा। ये भी शर्त है कि अगर वर्तमान विधायक के खिलाफ कोई शिकायत मिली है तो उसकी पूरी समीक्षा के बाद ही तय किया जाएगा कि टिकट दिया जाए या नहीं।

टिकट के दावेदार के परिवार का कोई सदस्य अगर भाजपा में शामिल है, तो उसकी भी समीक्षा की जाएगी। कांग्रेस इस बात पर भी विचार कर रही है, जो नए सदस्य भाजपा या दूसरी पार्टियों से कांग्रेस में आए हैं, उन्हें टिकट दिया जाए या नहीं। विधानसभा क्षेत्र में एक ही प्रभावशाली जाति विशेष का प्रत्याशी अगर लगातार दो बार से हार रहा है, तो अन्य जाति के उम्मीदवार को टिकट में प्राथमिकता मिलेगी।

जिस सीटों पर लगातार तीन या अधिक बार से पार्टी विधानसभा चुनाव हार रही है, वहां अलग से ध्यान दिया जाएगा। उन सीटों पर पार्टी के युवा या अन्य सामाजिक क्षेत्र से कांग्रेस विचारधारा वाले सोशल वर्कर-आरटीआई एक्टिविस्ट को प्राथमिकता दी जाएगी। सारे मापदंड पर खरा उतरने के बाद ही दावेदारों को टिकट दिया जाएगा। पार्टी अगस्त तक उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर देगी।

ट्रेंडिंग न्यूज़
[yottie id="3"]
Share.