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भूपेश बघेल ने कांग्रेस में ला दी आंधी

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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का वनवास खत्म हो गया। 15 साल के संघर्ष के बाद कांग्रेस को सत्ता सुख मिला है। इस बड़ी जीत में मुख्य किरदार भूपेश बघेल रहे। पाटन विधानसभा से विधायक भूपेश बघेल अपनी तेज़तर्रार राजनीति और बेबाक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं। बघेल के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही कांग्रेस में एक नई जान आ गई। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनवाने में भूपेश बघेल की मेहनत को अनदेखा नहीं किया जा सकता है।आइये जानते है भूपेश बघेल का राजनीतिक सफर|

भूपेश बघेल का राजनीतिक सफर : 

भूपेश बघेल ने वर्ष 1985 में यूथ कांग्रेस ज्वॉइन की। 1993 में पहली बार पाटन विधानसभा से विधायक बने। इसके बाद अगले चुनाव में भी वे पाटन से ही जीते। जब मध्यप्रदेश में दिग्विजयसिंह की सरकार बनी तो भूपेश कैबिनेट मंत्री बने। वर्ष 1990-94 तक जिला युवा कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष रहे। बघेल 1994-95 में मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रहे। वर्ष 1999 में मप्र सरकार के परिवहन मंत्री और 1993 से 2001 तक हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष रहे।

कैबिनेट मंत्री बने

वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य बना और कांग्रेस सरकार बनी तो अजीत जोगी पहले मुख्यमंत्री बने। जोगी सरकार में भूपेश बघेल मंत्री बने। वर्ष 2003 में कांग्रेस हार गई, तब बघेल को विपक्ष का उपनेता बनाया गया। साल 2003 में वे पाटन विधानसभा से जीत गए, परंतु 2008 के चुनाव में भाजपा के विजय बघेल के हाथों हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2013 में दोबारा पाटन विधानसभा से जीत दर्ज की। 2014 में बघेल को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

लोकसभा चुनाव हारे

2004 के लोकसभा चुनाव में भूपेश बघेल दुर्ग से खड़े हुए, परंतु उन्हें भाजपा के ताराचंद साहू ने हराया। वर्ष 2009 में कांग्रेस ने उन्हें रायपुर से उतारा, जहां भाजपा के रमेश बैश ने उन्हें हरा दिया।

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