छत्तीसगढ़  में कांग्रेस को अपनों से डर

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को अपने ही नेताओं के दल बदलने का डर सता रहा है| जहां एक ओर भाजपा अपने मिशन-65 के साथ चुनावी रण में उतर चुकी है वहीं कांग्रेस को दल बदलने वाले विधायकों से खतरा महसूस हो रहा है| प्रदेश कांग्रेस का यह आरोप है कि भाजपा उनके विधायकों को तोड़ने का प्रयास कर  रही है|

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भाजपा का मिशन-65 कांग्रेस के भरोसे है? ख़बरों के मुताबिक बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक चुनाव से पहले दल बदल सकते हैं| कांग्रेस खतरे को भांपते हुए विधायकों से टिकट बंटवारे के साथ शपथ-पत्र भी लिखवाने पर विचार कर रही है, लेकिन इससे कांग्रेस के भीतर अविश्वास साफ़ दिखाई पड़ेगा|

इधर, अजीत जोगी की पत्नी और कांग्रेसी विधायक रेणु जोगी को लेकर भी कांग्रेस में कोई स्पष्टता नज़र नहीं आ रही है| हो सकता है कि भाजपा रेणु जोगी के सहारे भी कांग्रेस के कई विधायकों को अपने साथ ले आए| यह भी कांग्रेस के लिए एक बड़ा नुकसान होगा| भाजपा के कुछ नेताओं ने भी यह माना है कि कांग्रेस के कुछ नेता भाजपा का दामन थाम सकते हैं| ऐसे में चुनावी साल में कांग्रेस विधायकों का दलबदल रूप प्रदेश कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा सकता है|

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