अजीत जोगी न किंग रहे, न किंगमेकर

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छत्तीसगढ़ में डॉ.रमन सिंह को सत्ता की कुर्सी खोनी पड़ी। इस बार प्रदेश में चुनाव पार्टियों के अलावा बड़े चेहरों के बीच भी था। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा नज़र पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पर थी। कांग्रेस से अलग होकर वे अपनी पार्टी के साथ मैदान में उतरे थे। वहीं उनका साथ देने बसपा भी मैदान में थी।

उम्मीद थी कि जोगी कांग्रेस-भाजपा के सपनों को चकनाचूर कर देंगे, लेकिन न वे किंग रहे और न किंगमेकर। गंभीर बीमारी से लड़कर चुनावी मैदान में उतरे अजीत जोगी के लिए विधानसभा चुनाव के नतीजे खुश करने वाले नहीं हैं। जनता ने कांग्रेस को पूरे मन से पूर्ण बहुमत दिया। इसी के साथ ही अजीत जोगी का किंगमेकर या किंग बनने का सपना चकनाचूर हो गया।

अजीत जोगी को अपनी जीत का पूरा विश्वास था, लेकिन जो स्थिति बनी, उसमें वे फेल हो गए। कभी कांग्रेस से गठबंधन का इनकार कर रहे जोगी अब उसके प्रति प्रेम दिखा रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा था कि किसी कटुता के कारण उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी थी। कांग्रेस से अलग होकर जोगी ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ नाम से नई पार्टी बनाई। जोगी विधायकों के साथ विधानसभा तो पहुंचे परंतु उनका सपना टूट गया। अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री हैं, तब वे कांग्रेस का हिस्सा हुआ करते थे। अब वक्त बदल गया। प्रदेश की जनता के बदले मूड ने 15 वर्षों बाद सत्ता पलट दी।

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